“केमो समाप्त होने के बाद बाल regrowth -pcos प्रतिवर्ती के साथ बालों के झड़ने”

एलोवेरा, बालों की देखभाल के लिए सबसे उपयोगी पौधा है। आप इसे अपने घर में, गार्डन में, छत पर कहीं भी आसानी से गमले में लगा सकते हैं। एलोवेरा की पत्तियों में पाया जाने वाला जैल बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मार्केट में एलोवेरा पाउडर भी मिलता है जिसे बालों में लगाने से लाभ मिलता है। इस पाउडर के पेस्‍ट को बालों में 15 – 20 मिनट के लिए लगाना होता है। इसे लगाने से बाल मजबूत हो जाते है और टूटते नहीं है। एलोवेरा को लगाने से बालों में कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता है।

साठ दिनों बाद इन लोगों की प्रोस्टेट ग्रंथि हटा दी गई. जिन लोगों को विटामिन डी की गोलियां दी गई थीं, उनके कैंसर के ट्यूमर घट गए थे. जिनको नक़ली दवाएं दी गई थीं, उनके साथ ऐसा नहीं हुआ. साफ़ है कि गंजे लोगों को प्रोस्टेट कैंसर होने का ख़तरा ज़्यादा है. वैसे गंजेपन का प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर से सीधा ताल्लुक़ अभी तक साबित नहीं हो सका है.

विटामिन सी (Vitamine C) – बालो का रुखा और बेजान होना बाल झड़ने का बड़ा कारण है| विटामिन सी से बालो को भरपूर पोषण मिलता है, जिसके कारण बाल रूखे और बेजान नहीं होते| बालो को मजबूत बनाने और झड़ने से रोकने के लिए विटामिन सी युक्त आहार ले|

5. अगर आप चाहें तो प्याज के रस का इस्तेमाल इसमें बिना कुछ मिलाए भी कर सकते हैं. प्याज का रस निकाल लें और इससे बालों में मसाज कीजिए. कुछ देर तक मसाज करने के बाद प्याज के रस को सूखने के लिए छोड़ दें. जब ये सूख जाए तो किसी अच्छे शैंपू से बाल धो लीजिए.

सौभाग्य से, Minoxidil (Rogaine) अपने पटरियों में बालों के झड़ने को रोकने में मदद कर सकते हैं। कुछ मामलों में, यह भी नए बाल regrow कर सकते हैं। लेकिन वहाँ दवा है, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए, एक सामयिक लोशन या फोम के रूप में आता है का उपयोग करने के लिए नुकसान कर रहे हैं।

दही भी बालों के झड़ने का अच्छा उपचार है। इससे बाल रेशमी और मुलायम बनते हैं। दही ना सिर्फ बालों का झड़ना रोकता है बल्कि चमकदार बाल भी प्रदान करता है। दही को सरसों के साथ या काली मिर्च के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं। आप बालों को नमी देने के लिए दही और शहद का पेस्ट भी बना सकते हैं। बालों में लगाएं और 30 मिनट बाद शैम्पू कर लें। यह बालों के मास्क की तरह प्रतीत होता है।

बालों को गिरने से रोकने के लिये पानी भी एक सस्ता और उपयोगी नुस्खा है। कुछ चंद जगहों को छोड़ कर पानी बिना किसी मूल्य के मिलता है। तो क्यों न खूब सारा पानी पीकर आप अपने बालों को झड़ने से रोकें! कई लोग पानी तब पीते हैं जब उन्हें प्यास लगती है। अगर आप भी ऐसा करेंगे तो आपके बालों को गिरने से कोई नहीं रोक सकेगा। प्यास न लगे फिर भी आप हर दो तीन घंटे पर एक ग्लास पानी पीयें।

आयरन बालों को उगाने में काफी फायदेमंद है और यह काले गुड, पत्तेदार सब्ज़ियों, हरे प्याज, काजू,सूखे मेवों, अंजीर एवं बेर में पाया जाता है। इन भोजनों से आपके शरीर को आयरन मिलता है जिससे आपके बाल भी स्वस्थ होते हैं। सिलिका और जिंक भी बालों के बढ़ने में काफी कारगर हैं। दिन में दो बार ५०० मिलीग्राम सिलिका तथा ३० मिलीग्राम ज़िंक का सेवन करें।

उन्होंने कहा कि कुछ खाद्य पदार्थ फाइब्रॉएड को बढ़ा सकते हैं। इसे रोकने के लिए संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थो को फाइब्रॉएड रोगियों को नहीं देना चाहिए। ये वसा एस्ट्रोजेन स्तर को बढ़ा सकते हैं, जिससे फाइब्रॉएड बड़ा हो सकता है। कैफीन युक्त पेय पदार्थ गर्भाशय फाइब्रॉएड होने पर नहीं लेना चाहिए।

बालों को स्वस्थ्य बनाये रखने के लिए सबसे ज़रूरी है भोजन में मौजूद पोषक तत्व। इसलिए संतुलित आहार में कमी का मतलब बालों को नुकसान। बिगड़ी हुई खान पान की आदतें, अस्वास्थ्यकर भोजन आपको ज़रूरी पोषक तत्वों से वंचित रखते हैं। (और पढ़ें – बालों को झड़ने से रोकने के लिए ये पांच पोषक तत्व अपनी डाइट में ज़रूर करें शामिल)

कई लोग बालों की झडने का शिकार गलत खाने की वजह से होते हैं। ऐसा नहीं है की वे पौष्टिक खाने पर खर्च नहीं कर सकते लेकिन आदतन वे जंक फ़ूड पर पैसे बर्बाद करते हैं बनिबस्त पौष्टिक आहार पर खर्च करने के । जंक फ़ूड , डब्बाबंद आहार, तैलीय खाना, वगैरह में पौष्टिक तत्वों की कमी होती है लेकिन कई लोग इन्हें बड़े मज़े से खाते हैं। नतीजा यह होता है कि आपके शरीर को सही मात्रा में आयरन, कैल्सियम , जिंक , विटामिन सी और प्रोटीन वगैरह नहीं मिल पाते। यह सब बालों के बढ़ने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं इसीलिए जहाँ तक हो सके ऐसे पोषण रहित आहार का बहिष्कार किजिये और हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दूध, अंडे खाइए जिससे कि आपके जीवन में पौष्टिक आहारों की कमी पूरी हो सके।

ल्यूपस एक प्रकार की ऑटोइम्‍यून बीमारी है इस स्थिति में शरीर अपने और बाहरी तत्वों में अंतर नहीं कर पाता और अपने शरीर के तत्वों को ही नष्ट कर देता है। जिसके कारण भी बाल झड़ने की समस्या होती है। इस बीमारी में हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ ऊतकों पर हमला करती है और सूजन की समस्या पैदा करती है। इस रोग में त्वचा और खोपड़ी पर सूजन हो जाती है जिसके परिणामस्वरूप बाल झड़ने लगते हैं। ल्यूपस के मरीजों के बाल शैम्पू और ब्रश करने पर अधिक झड़ने लगते हैं। इसके अलावा उनके बाल शुष्क और खुरदरे हो जाते हैं। इसके अलावा ल्यूपस के कारण ऑटोइम्म्यून थायराइड रोग भी हो सकता है जो बालों के झड़ने का एक और सामान्य कारण है। द नार्थ अमेरिकन जर्नल ऑफ़ मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित 2009 के एक अध्ययन में बताया गया है कि सिस्टमिक ल्यूपस एरीदीमॅटोसस (lupus erythematosus) के कारण बाल झड़ने की समस्या होती है। (और पढ़ें – चमेली बालों में लगाने के साथ-साथ त्वचा के लिए भी है फायदेमंद)

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मेथी- मेथी की सब्जी का ज्यादा सेवन बालों की सेहत के लिए उत्तम माना जाता है। मेथी के बीजों का चूर्ण तैयार करके पानी के साथ मिलाया जाए और पेस्ट बना लिया जाए। इस पेस्ट को सिर पर लेप करके आधे घंटे के लिए छोड़ दिया जाए और बाद में इसे धो लिया जाए। ऐसा करने से बालों से डेंड्रफ खत्म हो जाते हैं। ऐसा सप्ताह में कम से कम दो बार किया जाना चाहिए।

व्यायाम करने से हमारा शरीर काफी सुन्दर और मजबूत बन जाता है. रोज व्यायाम करने से हमारे शरीर में रक्त का संचार बहुत ही अच्छे तरीके से होता है. जिससे हमें मानसिक और शारारिक रूप से बहुत Benifit होता है तथा रोजाना व्यायाम हमारा तनाव भी काफी तेजी से घटाता है.

गंजापन बाल गिरने की आम बीमारी हैI इस रोग में रोगी के सामान्य से अधिक बाल गिरते हैं। यह रोग पुरुषों में, बच्चों और महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है। यह रोग त्वचा की समस्याओं या वंशानुगत बीमारी की वजह से होता है। जो लोग हमेशा तनाव मे रहते हैं, उनमे इस रोग की अधिक संभावना होती है। हिन्दी मे एक कहाबत है “चिन्ता चिता के समान होती है” (सचमुच चिंता एक चिता की तरह है) यह बिल्कुल सही है। गंजापन के लिए आयुर्वेद मे घरेलू उपचार बताये गये हैं, जो कि काफि फाय्देमन्द हैं। गंजापन के लिए मुख्य आयुर्वेदिक घरेलू उपचार नीचे बताये जा रहे हैं।

बालों की सही देखभाल न करने के कारण बालों में कई समस्?याएं हो सकती हैं जैसे कि डेंड्रफ या बालों का गिरना आदि। आप अपने थोड़ी सी देखभाल तथा घरेलू उपायों को अपना कर न सिफ बालों की समस्याओं को दूर कर सकते हैं बल्कि बालों का गिरना भी रोक सकते हैं। आज के युवावग में बाल गिरने की समस्या काफी आ रही हैं। बाल गिरना अगर इस कदर बढ़ गया है कि आप गंजेपन के कगार पर पहुंच गए हैं तो इसका प्रभावी उपचार संभव है।

गलत जीवनशैली, अधिक प्रदूषण या शरीर में पोषक तत्वों की कमीं, बात जब बालों के झड़ने की आती है तो हामोनल बदलाव छोड़कर ये सभी इसके बड़े कारण हो सकते हैं। ऐसे में शरीर को पोषक तत्वों की कमीं को पूरा करने के लिए अगर आप अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करेंगे तो गंजेपन की समस्या से छुटकारे में काफी हद तक मदद मिल सकती है।

कपूर के तेल को बालों की जड़ों में लगाएं और 15 से 20 मिनट तक सिर की हल्की मसाज करें। फिर पांच मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद आप बालों पर स्टीम दें या फिर गुनगुने पानी में तौलिया भिगोकर बांलों पर पांच मिनट के लिए बांधें और बालों पर शैंपू करें।

इस तरह के मामलों में Non Surgical Hair Replacement ही एकमात्र विकल्प नहीं है । वे सर्जरी भी करवा सकते हैं । हालांकि गंजेपन के शिकार पुरूषों के लिए सर्जरी आखिरी option होता है । इसकी बड़ी वजह यह है कि बहुत से लोग तब तक सर्जरी को तवज्जो नहीं देते जब तक कि यह बेहद जरूरी न हो । दूसरा कारण यह है कि सर्जरी में आपके मौजूदा बालों को लेकर ही पूरे सिर में लगा दिया जाता है । ऐसे में सर्जरी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आपके सिर पर पहले से कितने बाल हैं, जिससे कि इन्हें सिर पर दूसरी जगह लगाया जा सके । इसमें यह खतरा भी होता है कि अगर आपके बाल भविष्य में झड़ते हैं तो आपको गंजेपन वाली जगह पर बाल उगाने के लिए फिर से सर्जरी करवानी पड़ेगी । लिहाजा सर्जरी इसका स्थायी समाधान नहीं है ।

ऐसे तो हर रोज सभी लोगो के कुछ मात्रा में बाल गिरते ही है पर अगर यह मात्रा जब  ज्यादा हो जाये  तो जल्द ही इस ओर ध्यान देना जरुरी है।  बालो का असमय झड़ने के कई कारण हो सकते है और उन कारणो की जानकारी निचे दी गयी है।

मिनोक्सिडिल (minoxidil) बालों पर दो तीन महीने तक लगाएँ। मिनोक्सिडिल सर्वप्रथम बहुत महीन बालों को बनाता है और डाई करने से बाल और सर के रंग में फ़र्क़ नही दिख़ता है और नए बालों का हिस्सा घना दिखने लगता है। यह बालों के झड़ने के इलाज के दौरान लोगों द्वारा अपनाया गया एक आम तरीक़ा है।

नारियल को पीसकर दूध निकालकर उसमें थोड़ा-सा पानी मिला लें। जहाँ पर बाल पतले हो रहे हैं या गंजे होने के आसार दिख रहें है उस जगह पर इस दूध से मालिश करें। रात भर यूं ही रहने दें और अगले सुबह पानी से धो लें।

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद पहले एक बार बाल झड़ते हैं जो सामान्य हैं। लेकिन दो-तीन महीने के बाद बाल सही तरह से उगना शुरू हो जाते हैं। इसलिए पूरा परिणाम आने में कम से कम 6 महीने का समय लगता है। कई लोगों को पूरी तरह से बाल ना आने की शिकायत रहती है, जिसकी वजह खराब तकनीक, विशेषज्ञ सर्जन (प्लास्टिक सर्जन या डर्मेटोलॉजिस्ट ) से इलाज न लेना और ऑटोइम्यून डिजीज होती है। हेयर प्लांट दूसरी सर्जरी जितनी ही जटिल होती है और इसे अपनाने से पहले प्रशिक्षित चिकित्सक ( प्लास्टिक सर्जन या डर्मेटोलॉजिस्ट ) स्पेशलिस्ट क्लीनिक और इमरजेंसी केयर का होना बेहद जरुरी है।

यह बीज बालों को पतला होने से बचाते हैं। बालों को बेजान और पतले होने के कई कारक होते है जैसे प्रदूषण, फ़ास्ट फ़ूड, दवाइयाँ, chemicals तथा कई और। इन सब समस्याओं से बचने के लिए बालों में लौकी के बीजों का paste लगाएं। इससे आपके बाल घने और मज़बूत बनेंगे। इसमें calcium तथा magnesium होता है जो सिर की रक्षा करते हैं और बाल झड़ने से रोकते हैं।

कपूर का तेल बनाना बहुत आसान है। वैसे तो यह बाजार में कैंफर ऑयल के नाम से बिकता ही है, लेकिन आप घर पर ही इसे तैयार करना चाहते हैं तो नारियल तेल में कपूर के टुकड़े डालकर एक एयर टाइट डिब्बे में बंद कर दें। इससे कपूर का अरोमा नहीं खत्म होगा और आप जब चाहें इसे लगा सकते हैं।

पुरुषों और महिलाओं में गंजेपन के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। आमतौर पर पुरुषों में गंजेपन की शुरुआत में बाल इस तरह से झड़ते हैं कि सिर पर बालों का हिस्सा ‘रू’ आकार में नजर आता है। धीरे-धीरे बालों का झड़ना अधिक हो जाता है और यह आकार बदलकर ‘’ हो जाता है।

अगर आपको Male Patterned Baldness कि समस्या है तो आप अपने डॉक्टर कि सलाह लेकर Minoxidil (1-10%) युक्त तेल का उपयोग कर सकते है। इसकी 1 ml मात्रा सुबह और रात में जहा बाल कम हो वह लगाए। ह्रदय और किडनी रोग के रोगी इसका इस्तेमाल न करे।     

हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसकी मदद से सिर के पिछले व साइड वाले हिस्से से, दाढ़ी, छाती आदि से बालों को लेकर सिर के गंजे भाग में implant कर दिया जाता है। इसकी वजह यह कि सिर के पिछले हिस्से के बाल आमतौर पर नहीं झड़ते इस लिए सिर के पीछे के बाल ही implant किये जाते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी के तकरीबन २ हफ्ते बाद बाल उगने शुरू हो जाते हैं और पूरे बाल आने में ८ -१० महीने का समय लगता है। शर्त यह है आपको डॉक्टर दुवारा दी गई हिदायतों का पालन करना होता है। यह बाल बिलकुल कुदरती बालों की तरह होते हैं जीने आप कटवा सकते हैं, कलर कर सकते हैं और अपना मनचाहा हेयर स्टाइल रख सकते हैं। आँखों की पलकों, भौहों या दाड़ी के बालों की समस्या को भी इस तकनीक से दूर किया जा सकता है।

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