“बाल विकास यात्रा युक्तियाँ -रासायनिक जला”

बालों का झड़ना और कुख्यात घटता सिर के मध्य उन है कि इस आम हालत से ग्रस्त अक्सर शर्मिंदा और संकोची उनकी उपस्थिति के बारे में छोड़ दिया जाता है emergencies- चिकित्सा नहीं हो सकता। चिकित्सा उपचार मौजूद हैं, लेकिन निषेधात्मक लागत जा सकता है। बालों के झड़ने और फिर से बढ़ रही बाल रोक के लिए घर उपचार के लाभ साबित किया गया है।

शैम्पू करने से पहले बालों को ड्राय रखने से भी बाल झडऩे लगते हैं इसीलिए शैम्पू करने से पहले बालों में हल्के गर्म Olive oil या Coconut oil से मसाज करें। बालों की जड़ों में तेल की अच्छे से मसाज रात को सोने पहले ही कर लेना चाहिए। इससे न सिर्फ बालों की जड़े मजबूत होती है बल्कि बाल shine भी करने लगती है।

बालों की हर तरह से देखभाल के लिए मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक और सरल उपाय है. इसे बालों की सुरक्षा और देखभाल के लिए कई वर्षों से महिलाएं इस्तेमाल करती आ रही हैं. मुल्तानी मिट्टी को पानी में भिगोकर रखें और इसे नर्म हो जानें दें. अब इसमें एक अंडे का सफ़ेद हिस्सा और दही मिलाकर पैक बना लें. इसे बालों की जड़ों और पूरे बालों में 1 घंटे तक लगा के रखने के बाद धोकर साफ़ करें. यह बालों को प्राकृतिक रूप से लम्बा करने का तरीका है जो इसे बढ़ने में मदद करता है.

हमारे चेहरे की खूबसूरती और पर्सनालिटी में बालों का बड़ा योगदान होता है। घने और अच्छे बाल हमारी खूबसूरती को और बढ़ा देता है। लेकिन आज के अधिकतर लोगो के बाल समय से पहले झड़ने लगते है। पेट की गर्मी और सही खान पान के ना होने के कारण बाल झड़ने लगते है। जब सिर के बाल अधिक झड़ जाते है तो लोग तरह तरह के महंगे दवाइयाँ और हर तरह के नुस्खे को आजमाने लगते है। कई बार तो दवाइयों के अधिक प्रयोग से बालों का और अधिक झड़ना शुरू हो जाता है और लोग गंजेपन का शिकार हो जाते है।

बाल तोड़ होने पर सुबह तड़के उठकर बिना कुछ करे। मुंह में 15-20 गेहूं दानों को बारीक चाबायें। फिर थूक लार से मिश्रित गेहूं पेस्ट / Wheat Spit Saliva  बालतोड़ जगह पर लगाने से मात्र 48 घण्टे में बाल तोड़ विकार ठीक करने में सहायक है।

अगर आप लंबे समय के लिए हेलमेट पहनकर दोपहिया वाहन चलाते हैं तो यह अच्छी आदत आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकती है। हेलमेट से आपके बालों पर तनाव बढ़ता है और वो खिंचते हैं जिस कारण वो टूटते भी हैं। यदि आपको डैंड्रफ या सिर की त्वचा सम्बन्धी और कोई समस्या पहले से है तो पसीने से बालों की जड़ें और कमज़ोर होंगी। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप हेलमेट पहनना छोड़ दें। आप हेलमेट पहनने से पहले कोई रुमाल अपने सर पर बाँध कर फिर हेलमेट पहन सकते हैं इससे पसीना रुमाल सोख लेगा जिससे बालों की जड़ें खराब होने से बचेंगी।

विविकुल एक प्राकृतिक बाल विकास सप्लीमेंट है जो बालों का पतला होने वाले लोगों में बाल विकास को बढ़ावा देता है। इसमें एक समुद्री कॉम्प्लेक्स होता है जिसे अमीनोमार सी के नाम से जाना जाता है। यह खनिज, विटामिन, और शार्क और मूल्स्क पाउडर से बना है। ये सामग्री नई कोशिकाओं को पुनर्जन्म करने और मौजूदा कोशिकाओं को मजबूत करने में सहायता करती हैं। आपको परिणाम देखने के लिए कम से कम छः महीने में गोलियों को दिन में दो बार लेना होगा। विविस्कल शैम्पू और कंडीशनर भी बनाता है।

बाल नुकसान को रोकने और बाल विकास को सुविधाजनक बनाने के बारे में सब शरीर सही पोषक तत्वों प्रदान करने और बालों के रोम करने के लिए और अधिक सक्रिय हो उत्साहजनक है। बाल विकास तकनीकों के बहुमत से एक या दोनों इन मूल सिद्धांत के आसपास घूमता।

इसे बनाने के लिए गेहूं के पत्ते, दूर्वा घास, अरबी के पत्ते, गुड़हल के पत्ते, नीबू के छिलके, संतरे के छिलकों को थोड़ा-थोड़ा लें और पानी में उबाल लें। पानी को छानकर बालों की जड़ों में हल्के हाथों से लगाएं और धीरे-धीरे मसाज करें। पांच मिनट के लिए लगा रहने दें और पानी से सिर धो लें।

नीम- असमय बालों के पकने और बालों के झड़ने के क्रम को रोकने के लिए पातालकोट के आदिवासी नीम के बीजों से प्राप्त तेल को रात में सिर पर लगा लेते हैं और सुबह सिर को धो लिया करते हैं। माना जाता है कि नीम के बीजों का तेल बालों में एक माह तक लगातार इस्तेमाल करने से बालों का झड़ना रुक जाता है। डेंड्रफ होने पर 100 मिली नारियल तेल में नीम के बीजों का चूर्ण (20ग्राम) अच्छी तरह से मिलाकर सप्ताह में दो बार रात में मालिश की जाए तो आराम मिल जाता है।

लंबे बालों का राज अरंडी का तेल आपके बालों की बढ़त का एक बेहतरीन उपचार है। बाल लम्बे करने का तेल, रात को अरंडी का तेल लगाकर सोएं तथा अगली सुबह इसे धो दें। वैकल्पिक तौर पर अपने सिर की मालिश अरंडी के तेल तथा बादाम के तेल के मिश्रण से करें। इस उपचार से बाल झड़ने की समस्या से मुक्ति मिलती है तथा पतले बाल, बाल कम होने तथा गंजेपन जैसी परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है।

तनाव बाल झड़ने का प्रमुख कारण होता है। तनाव की वजह से तीन तरीके से बाल झड़ते हैं जैसे ट्रिकोटिलोमेनिया,एलोपेसिया एरियाटा तथा टेलोजेन एफ्लुवियम। वैसे तनाव की वजह से अस्थायी रूप से बाल झड़ते हैं और आप योग शारीरिक व्यायामों द्वारा इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं।

Ayurvedic Treatments For Hair Loss and Regrowth Ayurvedic treatment is being used widely nowadays not only in India but in other parts of the world too. In fact, this popularity gained by Ayurveda is well deserved because of the holistic and healthy approach it has towards healing a disease or disorder. Hair fall is a problem which is caused by the imbalance in Pitta dosha. There are many reasons for aggravation of this dosha like eating hot, fried and spicy food, over exposure to sun, stress etc…………..

स्टेम सेल थेरेपी वास्तव में बहुत आसन प्रक्रिया है। यह काफी आसान है अगर आपके बाल कम झाड़ते है तो ये आसानी से दो सेशन में किया जा सकता है। पहली चिकित्सक द्वारा कुछ बालो के रोम बालो की जड़ से लिए जायेंगे और ये प्रक्रिया वह प्रयोगशाला में करेंगे। अगली प्रक्रिया में रोगी के रक्त को ध्यान से और पर्याप्त रूप से बाहर खीचा जायेगा। इस प्रक्रिया को भी centrifugation के रूप में जाना जाता है।

रेकवेग आर.८९ (आवश्यक फैटी एसिड बूंदों) भारत का सबसे अच्छा बिकनेवाली बाल झड़ने की होम्योपैथी चिकित्सा है|  यह खालित्य, गंजापन, समय से पहले बालों के झड़ने, समय से पहले भूरे रंग के बाल, बाल कूपिक की कमजोरी, हॉर्मोन की असंतुलन, सिरदर्द आदि के कारण रक्त अशुद्धता के लिए संकेत है

दालचीनी और शहद को एक साथ मिलाकर बालों में लगाइए। यह बलों को झड़ने से रोकने में शक्षम है. इसके अलावा गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर उनका पेस्ट बनाइए। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगाइए और कुछ समय बाद सिर को धो लीजिए। कुछ महीने ऐसा करने से झड़ते बलों को कम किया जा सकता है।

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