“आवश्यक तेलों जो बाल रेग्रोथ को बढ़ावा देते हैं बाल विकास चक्र और इलेक्ट्रोलिसिस के बाद बाल विकास”

बालों के झड़ने एक व्यक्तिगत अवसाद के कगार को धक्का करने की क्षमता है। यह क्यों होता है काफी स्पष्ट है। सामान्य सामाजिक रिश्तों को बनाए रखने क्योंकि वे आंका जा रहा है और कम से कम औसत के रूप में देखा के बारे में चिंतित हैं मुसीबत है पुरुषों और महिलाओं को जो बालों के झड़ने से पीड़ित हैं। इसके अलावा, स्थापना की cliches के समाज में इसका मतलब है कि ऐसे व्यक्तियों के पार्टनर्स ढूँढने में कठिनाई का एक बहुत।

दोमुंहे बाल हटाएं : सीरम, फ्लैट आयरन या कर्लिंग आयरन (serums, flat-iron or curling iron) जैसे स्टाइलिंग (styling) उत्पादों के ज़्यादा प्रयोग से भी बाल रूखे और दोमुंहे हो सकते हैं। आप अब नीम के बीज के अंश निकालकर इन्हें अपने बालों की जड़ में लगा सकते हैं। आप अब नीम के तेल की मदद से बालों में गहरी मोइस्चराइज़िंग (moisturizing) भी प्राप्त कर सकते हैं। यह रूखे और क्षतिग्रस्त बालों की भी मरम्मत करता है तथा आपके बालों को मुलायम और संभालने लायक बनाता है।

गीले बालो (Wet hair) को कपडे सेआराम से सुखाए। गीले बालो में कंगी न करे। गीले बाल नाजुक होते है और आसानी से टूट या गिर सकते है। कंगी करने के लिए मोटे दातो वाला कंगा इस्तेमाल करे। बाल सुखाने के बाद बालो कि अच्छे से मसाज करे। नारियल तेल से मसाज करने से बालो कि जड़ो तक Blood circulation बढ़ता है और बाल बढ़ते और मजबूत होते है।

बेसन को इस्‍तेमाल करने से त्‍वचा मुलायम होने के साथ ही बाल रहित भी होती है। इसके लिए थोड़े से बेसन में एक चुटकी हल्दी और पानी मिलाकर पैक बनाकर लगाएं और सूखने पर पानी से धो लें। इस पैक को आप रोज अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इसके अलावा थोड़ा सा बेसन, एक चुटकी हल्‍दी और थोड़ा सा सरसों का तेल डाल कर गाढा पेस्‍ट बनाकर चेहरे पर लगा कर रगडिये और इसे हफ्ते में दो दिन लगाइये। अनचाहे बालों से छुटकारा मिल जाएगा। image courtesy : gettyimages.in

एक अस्वस्थ स्कैल्प के कारण बालों के रोम में सूजन की समस्या हो सकती है जिससे बालों के बढ़ने में मुश्किल पैदा होती है। सिर का संक्रमण बालों के झड़ने का कारण बनता हैं। सिर के संक्रमण के विभिन्न प्रकार होते हैं। टिनिया कैपिटिस सबसे आम सिर का संक्रमण है। यह एक प्रकार का कवक संक्रमण होता है। ये कवक बाल के मृत ऊतकों पर रह सकते हैं और आसानी से फैल सकते हैं। ये कवक सिर के कुछ हिस्सों या पूरे सिर को प्रभावित कर सकते हैं। संक्रमित क्षेत्रों में अक्सर बाल निकल जाते हैं और छोटे काले डॉट्स रह जाते हैं। यह बीमारी अक्सर बच्चों को प्रभावित करती है और युवावस्था तक समाप्त होती है। हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकती है। द इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ट्रिचोलोजी में प्रकाशित 2013 के एक अध्ययन में पाया गया कि 2,800 बच्चों में से 210 में बालों के झड़ने और खोपड़ी संबंधी विकारों की समस्या थी। इन 210 बच्चों में 40.0% टीनिया कैपिटिस की समस्या से ग्रस्त थे, वहीं 26.2% बच्चों में एलोपेशीया एरेटा की समस्या थी और 17.6% बच्चों में टेलोजेन एफ्लुवियम की समस्या थी। समय पर निदान और उपचार इस समस्या का इलाज करने में मदद कर सकता है। (और पढ़ें – सिर में खुजली के लिए घरेलू उपचार)

अगर आपकी खुराक छूट गई है तो आप इसको दूसरी खुराक से पहले ले लें। वो भी उस अवस्था में जब छूटी हुई खुराक को ज्यादा समय न बीता हो। अगर ज्यादा समय बीत गया है और दूसरी खुराक को लेना का समय हो तो छूटी हुई खुराक न ही लें। लेकिन ध्यान दें अपनी खुराक को दोगुना न करें।

हार्मोनल असंतुलन /Hormonal Imbalance :शरीर में अचानक होनेवाले शारीरिक रसायन या होर्मोंस के असामान्य बदलाव के कारण हेयर लोस  का प्रमाण बढ़ सकता है। महिलाओ में थायरोइड होर्मोन कि कमी जिसे हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) कहते है कि वजह से हेयर लोस  होता है। महिलाओ में थकावट, बिना कारण वजन बढ़ना, उदासी, कमजोरी और त्वचा शुष्क होना जैसे लक्षण दिखाई देने पर हाइपोथायरायडिज्म के निदान हेतु डॉक्टर कि सलाह अनुसार ब्लड टेस्ट  ( Thyroid Profile ) करा लेना चाहिए। खून कि कमी (Anemia), Poly Cystic Ovarian Syndrome, Dandruff, Chemotherapy और Auto Immune Disorder इन कारणो से हेयर लोस अधिक होता है।

ज़्यादातर इस प्रक्रिया को पूरी होने में एक सेशन (session) से ज्यादा समय लगता है और बाद के सेशंस में कीमत कम होती जाती है। इस पद्दति की कीमत हर क्लिनिक (clinic) में अलग अलग होती है और यह उस शल्य चिकित्सक पर भी निर्भर करती है जो इस प्रक्रिया को अंजाम देने वाला है। वैसे तो भारत में कुछ क्लिनिक स्टेम सेल की पद्दति के द्वारा बाल उगाने के सिर्फ 5000 रूपए लेने का दावा करते हैं, पर इस बात का भरोसा रखें कि यह सिर्फ प्रचार करने वाली बातें हैं, और अगर यह सच है तो उनके द्वारा की गयी चिकित्सा कहीं से भी स्टेम सेल की पद्दति के आसपास भी नहीं होगी।

—बालों पर कलर करने से भी बाल खराब हो जाते हैं और जल्दी टूटने भी लगते हैं। इसीलिए बालों को कलर करने से पहले ध्यान रखें कि डाई में अमोनिया की मात्रा कम से कम हो यानी आप प्राकृतिक कलर मेहदी आदि को ही बाल कलर करने के लिए चुनें। इससे आपके बाल प्रभाव ढंग से हेल्दी् और स्वस्थ रहेंगे।

June 24, 2016   |   Author: admin   |   3 comments   |   Categories: hair transplant • hair transplantation • Uncategorized   |   Tags: baldness • female hair loss • Hair fall • hair growth • hair line • hair loss treatment • hair regrowth • hair transplant in indore • male pattern baldness. • PRP for hair loss • PRP therapy • PRP Treatment

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खानपान- बालों की सेहत के लिए विटामिन, बायोटीन, मिनरल व प्रोटीन युक्त भोजन के साथ साथ बादाम, मूंगफली, काजू, गोभी, अलसी आदि भी लेने चाहिए। आजकल के दौर में लाइफस्टाइल, अत्यधिक तनाव और लगातार केमिकल युक्त उत्पाद का इस्तेमाल बालों के झड़ने की समस्या को बढ़ाता है। बार-बार शैंपू का ऑयल बदलना भी इसका कारण होता है। इसके अलावा सिर की त्वचा का रुखा बना रहना और तेल की मालिश ना करना भी एक वजह हो सकती है।

1 चम्मच सरसों के पाउडर को २ चम्मच जैतून के तेल, 1 अंडे और पानी की कुछ बूंदों के साथ मिलाएं। इन्हें अच्छे से मिलाएं तथा बालों पर पूरी तरह लगाएं। इस समय सिर की त्वचा पर ज़्यादा ध्यान दें। एक शावर कैप लगाएं तथा इसे 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में अपने बालों को एक सौम्य शैम्पू से धो लें। सरसों रक्त के संचार में वृद्धि करता है और इस तरह बालों की बढ़त में भी सहायता करता है।

बालों के झड़ने के अलग अलग तरीकों से क्या इस मुद्दे पर पैदा कर रहा है के आधार में दिखाई देगा। बालों के झड़ने भी अस्थायी या स्थायी कारण के आधार पर किया जा सकता। संकेत और लक्षण पुरुषों और महिलाओं ने देखाकी एक सूची:

फ्रिज़ी बालों का उपचार : बालों में निरंतर हानिकारक रसायनों और सौन्दर्य उत्पादों का प्रयोग करने पर आपके सिर पर फ्रिज़ी और रूखे बाल पैदा हो जाते हैं। आप अब इस स्थिति का नीम के तेल से आसानी से उपचार कर सकते हैं। आप इस तेल को या तो सीधे अपने सिर पर लगा सकते हैं, या फिर इसकी कुछ बूंदों का मिश्रण अपने शैम्पू (shampoo) में भी कर सकते हैं। अगर आप नीम के तेल को शैम्पू के साथ मिश्रित कर रहे हैं तो ऐसा निरंतर अपने रोजाना प्रयोग में लाये जा रहे शैम्पू की मात्रा को निकालकर करें। इस तरह इस शैम्पू से बालों को धोने पर आप पाएँगे कि एक बालों के सूख जाने पर वे किस तरह चमकदार बन जाते हैं।

खालित्य के सबसे आम प्रकार भी कहा जाता है “आम गंजापन”. यह लगभग एक-तिहाई पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित करता है. Downside की यह है कि यह आमतौर पर स्थायी है. पुरुषों के लिए जो आम तौर पर इस प्रकार के बालों के झड़ने से पीड़ित यह विशेषता विरासत में मिला है. हम जानते हैं कि लगभग सभी पुरुषों बालों के झड़ने अपने जीवन के अंत में आम है, लेकिन जब हम androgenetic खालित्य के निदान के बारे में बात करते हैं, इस प्रकार का अर्थ है गंजापन, आप बालों के झड़ने के रूप में जल्दी के रूप में अपने किशोर साल अनुभव कर रहे हैं. पुरुषों में, गंजापन के इस प्रकार आम तौर पर मंदिरों और सिर के मुकुट पर शुरू होता है. महिलाओं के इस प्रकार खालित्य के साथ एक स्लिमिंग सामने बालों के झड़ने के लिए आम तौर पर सीमित कर रहे हैं, पक्षों या मुकुट.

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