“केमोथेरेपी जघन्य के साथ बालों के झड़ने |सर्वश्रेष्ठ बाल विकास अवरोधक ब्रिटेन”

नई दिल्ली: जिन महिलाओं के बाल लगातार झड़ते हैं, उनमें गैर-कैंसर वाले ट्यूमर का खतरा बना रहता है. यह ट्यूमर गर्भाशय की दीवारों के भीतर होता है. सेंट्रल सेंट्रीफ्यूगल सिकेट्रिशियल एलोपेसिया (सीसीसीए) वाली महिलाओं में गर्भाशय के अंदर ट्यूमर का जोखिम पांच गुना अधिक होता है. एक नए शोध में यह पता चला है. फाइब्रॉएड गर्भाशय की दीवार पर पाए जाने वाले चिकनी पेशी के ट्यूमर हैं. वे गर्भाशय की दीवार के भीतर ही विकसित हो सकते हैं या इसके साथ जुड़े हो सकते हैं.

Get ensure that your scalp not having any kind of fungal infection as this a very common problem among women during monsoon. If you are prone to have dandruff and scalp itching to start taking precaution before they appear.

संतरे का पैक बनाने के लिए एक कप संतरे का रस, एक कप दही, एक बड़ा चम्मच तुलसी पाउडर या फिर आंवला पाउडर लें और इसे एक साथ मिक्स कर लें। इसे नियमित रूप से बालों में लगाएं। इससे बाल स्वस्?थ और मुलायम रहेंगे।

बालों के झड़ने- गिरने और टूटने की बड़ी वजह तनाव है। यह माना जाता है कि तनाव की वजह से बालों के बढ़ने का जो सामान्य चक्र होता है वह रुक जाता है। तनाव बढ़ते ही बालों का चक्र टेलोजेन फेज में पहुंच जाता है़ जिसमें बाल झड़ने और गिरने की बीमारी शुरु हो जाती है। तनाव को कम करने का सबसे आसान उपाय है ध्यान। ध्यान लगाने और अच्छी नींद लेने से बालों के बढ़ने के लिए उत्तरदायी हार्मोन के स्राव की गति तेज हो जाती है।

करौंदे के बीज (cranberry seeds) बालों की देखभाल में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। करौंदे के बीज (cranberry seeds) के तेल को उँगलियों पर लेकर सिर पर अच्छे से मालिश करें। यह बालों को पोषण दें कर इसे सूखेपन से मुक्त करने का एक काफी प्रभावी तरीका है। इस तेल को गर्म करके भी इसका फायदा उठाया जा सकता हैं।

कुछ घरेलू नुस्खो का इस्तेमाल करके आप आसानी से इस समस्या से राहत पा सकते है, इसके अलावा आपको अपने बालों के लिए अपने खान पान के साथ उनकी केयर पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बालों को भी आपके शरीर की ही तरह देखभाल की जरुरत होती है, यदि आप इसे अच्छे से पोषण नहीं देंगे तो आपको बालों से सम्बंधित समस्या हो जाती है, इस समस्या से राहत पाने के लिए आइये आज हम आपको कुछ घरेलू उपचार बताने जा रहे है जो आपकी इस समस्या का समाधान करके आपके बालों को घना बनाने में मदद करेंगे।

इस इलाज के लिए मुलेठी की जड़ों को एकत्रित करें और इन्हें पीसकर इनका मिश्रण बनाएं। अब इस जड़ को एक कप दूध के साथ मिलाएं। आप इसमें एक चम्मच केसर भी डाल सकते हैं। अब इन सारे पदार्थों को एक साथ मिलाएं। इस मिश्रण को सोने जाने से पहले अपने सिर के बाल रहित हिस्सों पर लगाएं। इसे रातभर रहने दें। एक बार सुबह उठने के बाद अपने बाल अच्छे से धो लें। इस विधि का प्रयोग हफ्ते में एक बार करें। आप इसे चाय में भी मिलाकर पी सकते हैं। इस चाय को दिन में कम से कम तीन बार पियें। इससे आपकी सेहत अच्छी होगी और बालों की बढ़त भी काफी बेहतर हो जाएगी।

रासायनिक उत्पाद का इस्तेमाल (Use of Chemical Products) – आजकल मार्किट में अनेको कंपनी के शैम्पू, हेयर आयल और कंडीशनर जैसी चीजों की भरमार है| बालो को झड़ने से रोकने के लिए मार्किट में अनेक प्रकार के हेयर आयल मौजूद है, लेकिन ये सभी प्रोडक्ट पूरी तरह से कैमिकल युक्त होते है| मार्किट में मौजूद अधिकतर Cosmetic products में हानिकारक तत्व होते है| रोजाना इन Cosmetic products का इस्तेमाल करने से, ये तत्व बालो की जड़ो को कमजोर बना देते है, जिससे बाल झड़ने लगते है|

हेयर विग: विग गंजेपन को ढँकने का बहुत पुराना तरीका है। विग को प्राचीन मिस्त्र में तथा पूरी दुनिया की संस्कृतियों में भी प्रयोग किया गया है। नवीनतम तकनीक के साथ, विग अधिक परिष्कृत हो गए हैं तथा एक अच्छी अपीयरेंस प्रदान करने के लिए बहुत से कृत्रिम फाइबर एवं प्राकृतिक बालों को एक साथ मिलाया जाता है। किन्तु समस्या यह है कि विग बहुत नजदीक से देखे जाने पर वास्तव में कभी भी प्राकृतिक नहीं दिखते हैं, जैसा कि काम के समय और सामजिक कार्यक्रमों में प्राकृतिक रूप से होता है। विग के फिसलने का डर हमेशा बना रहता है। इसके अलावा, इसमें सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसमें कोई हेयरलाइन (मांग) नहीं होती है। अतः सामने से देखे जाने पर, विग और सिर की खाल के बीच का हल्का रिक्त स्थान बहुत स्पष्ट होता है तथा किसी के ध्यान में आए बिना एक विग को पहने रहना लगभग असंभव है। इसे पहनने वाला व्यक्ति इस बात को लेकर हमेशा सचेत रहता है कि यह गिर सकती है और या फिर कोई भी इस पर ध्यान दे सकता है कि उसने विग पहना है। लोग जल्दी ही उस व्यक्ति को ‘वह व्यक्ति जो विग पहनता है’ इस तरह संदर्भित करने लगते हैं। विग वास्तव में कभी भी लोकप्रिय नहीं हुए, हालांकि वे बहुत लंबे समय से अस्तित्व में रहे हैं।

[एक्सपोजर प्रभाव] सिरदर्द, चक्कर आना, पसीना, vasodilators किसी में भी हो सकता है। परिधीय न्यूरोपैथी hydrazine के साथ लंबे समय तक इलाज के लिए सूचित किया गया है। उच्च रक्त शर्करा, nonketotic कोमा, diazoxide हो सकता है। बरामदगी और कोमा, विषाक्त Buflomedil हो सकता है।

आप बालों की बढ़त के लिए मुलेठी की जड़ों की भी मदद ले सकते हैं। इस जड़ीबूटी से आप आसानी से बालों का झड़ना रोक सकते हैं। इससे बाल खराब होने से भी बचते हैं। ये जड़ें सिर को ठंडक प्रदान करती हैं और सिर के रोमछिद्रों को खोलती हैं। इससे आपका सिर समतल हो जाता है और सारी परेशानियों से मुक्त हो जाता है। आप इसकी मदद से डैंड्रफ से भी मुक्ति पा सकते हैं। मुलेठी की जड़ गंजापन तथा बालों के झड़ने की भी अच्छी औषधि है।

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