“गर्भावस्था के बाद बाल झड़ने शैम्पू बालों के झड़ने के केंद्र वैंकूवर”

एसेंशियल ऑयल स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिहाज से फायदेमंद होते हैं, इनमें मौजूद मिनरल और एंटी-माइक्रोबायल गुणों से कई तरह की परेशानियों को दूर किया जा सकता है, इस बारे में विस्तार से जानने के लिए ये स्लाइड शो पढ़ें।..

5. दही भी बालों के झड़ने का अच्छा उपचार है। इससे बाल रेशमी और मुलायम बनते हैं। दही ना सिर्फ बालों का झड़ना रोकता है बल्कि चमकदार बाल भी प्रदान करता है। दही को सरसों के साथ या काली मिर्च के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं। आप बालों को नमी देने के लिए दही और शहद का पेस्ट भी बना सकते हैं। बालों में लगाएं और ३० मिनट बाद शैम्पू कर लें। यह बालों के मास्क की तरह प्रतीत होता है।

—-बालों को झड़ने से बचाने के लिए आपको अपने बालों को धूप से बचाना चाहिए। जब भी आप बाहर धूप में जाएं तो अपने साथ छाता लेकर जाएं या फिर अपने बालों को कपड़े से पूरी तरह ढक लें। बहुत गर्म पानी से बाल ना धोएं,वरना आपके बाल अधिक खराब हो जाएंगे और जल्दी टूटने लगेंगे।

उदाहरण के लिए, केमोथेरेपी के कारण बालों के झड़ने के कई मामले अस्थायी हैं, या वे बुढ़ापे का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं और उपचार की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, बालों के झड़ने का एक भावनात्मक प्रभाव हो सकता है, इसलिए यदि आप अपने स्वरूप के साथ असहज महसूस कर रहे हैं तो आप उपचार देखना चाह सकते हैं।

टेलोजेन एफ्लुवियम: यह किसी ट्रामा या तनाव – जैसे कि लंबे समय तक मानसिक तनाव, तीक्ष्ण बीमारियों जैसे संक्रमण या उच्च बुखार, प्रमुख सर्जरी, आदि के कारण होता है। यह बालों को सुप्तावस्था में ले जाता है। यह घटना के लगभग 1 से 3 महीने बाद बड़ी मात्रा में बालों के अचानक झड़ने का कारण बनता है। यही तकिये पर या शावर में बालों की अचानक वृद्धि का कारण होता है।

शिकाकाई एक अच्छा कंडीशनर और क्लेअंजर (cleanser) है। यह कई रूसी नाशक शैंपू की तैयारी में प्रयोग किया जाता है। रीठा भी शिकाकाई की तरह समान गुण होने से कंडीशनर और क्लेअंजर के रूप में प्रयोग किया जाता है। रीठा के प्र्योग से भी बाल चमकदार और रेशमी बनते हैं।

विटामिन ए, सी और इ स्वस्थ और रेशमी बालों के लिए काफी आवश्यक हैं। फोलिक एसिड की गोलियों तथा बायोटिन हेयर ग्रोथ का सेवन करें, जिससे बालों की मज़बूती में मदद मिलती है। खानपान बदलने से तथा बालों के लिए औषधियों में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें।

स्कैल्प कमी एक प्रक्रिया है जो खोपड़ी कि खालित्य प्रेरित बाल से प्रभावित हैं के कुछ हिस्सों को दूर करता है नुकसान गोल गंजा त्वचा के क्षेत्र को कम किया जा सके। जब उन भागों हटा दिया गया है, स्वस्थ त्वचा फैला और उसका स्थान है, गंजेपन क्षेत्र के आकार को कम करने और यह आसान का प्रबंधन करने के लिए बना। स्कैल्प कमी cicatricial खालित्य के साथ उन लोगों और जो प्रत्यारोपण के लिए पर्याप्त स्वस्थ दाता बाल नहीं होते के लिए एक अनुकूल विकल्प है।

हाल में हुए एक शोध में यह पाया गया है कि पल्मेट्टो नामक एक दवा के सेवन से लोगों में बालो का बढ़ना ज़्यादा होता है। जिन लोगों ने ४०० मिलीग्राम पल्मेट्टो तथा १०० मिलीग्राम बीटा साइटोस्टेरॉल रोज़ाना लिया उनके बालों में वृद्धि हुई। प्राचीन काल से पल्मेट्टो का प्रयोग बाल उगाने के लिए किया जाता है।

ये बीज बालों के दोबारा उगने में मदद करते हैं। अगर आप बालों के झड़ने की समस्या (hair fall) से परेशान हैं तो ये आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। लौकी के बीज बालों को पूरा पोषण देते हैं। बाल बढाने के लिए इसका paste बनाकर एक बार सिर पर लगाए, ये अंदर तक चला जायेगा और रक्त में मिश्रित हो जायेगा। यह बालों की कोशिकाओं को खराब होने से रोकता है और बालों का झड़ना भी कम करना है। जानिए लौकी के बेहतरीन स्वास्थ लाभ

बालों के झड़ने के लिए कई समाधान इसके अलावा, हाथ में लेजर कंघी डिवाइस बालों के झड़ने उपचार और पुरुष पैटर्न गंजापन के लिए नवीनतम उपचार का माना जाता है. लेजर कंघी एक औरत और एक आदमी के पतले होने बाल मुद्दों के लिए परिपूर्ण हैं. लेजर प्रकाश आसानी से की एक अधिकतम की खोपड़ी के सभी क्षेत्रों में वितरित किया जाता है 17 डायोड लेज़रों जो शंक्वाकार आकार के माध्यम से पारित “केश” कि लक्ष्य बाल कूप से इष्टतम दूरी पर लेजर बनाए रखने के. यह हल्के और सरल उपयोग करने के लिए है. यह तकनीक शायद सबसे व्यावहारिक उपचार है, क्योंकि यह चिकित्सा देखरेख की आवश्यकता के बिना घर पर व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल किया जा सकता.

हाइपोथायरायडिज्म गले में उपस्थित ग्रंथि में वृद्धि के कारण होता है। इस स्थिति में यह ग्रंथि थायराइड हार्मोन का अधिक से अधिक स्रावण करती है। यह ग्रंथि शरीर की मेटाबोलिक प्रक्रिया, वृद्धि एवं विकास में भी सहायता करती है। जब यह सुचारु रूप से कार्य नहीं करती तो प्रतिक्रिया स्वरुप बालों के झड़ने की समस्या उत्पन्न होती है। अंडरएक्टिव थायराइड यानि असामान्य रूप से निष्क्रिय थायराइड पर्याप्त थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं करता और बालों के विकास को प्रभावित कर सकता है। यह सिर के साथ-साथ भौहों और शरीर के अन्य बालों की बनावट को भी प्रभावित कर सकता है। द जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित 2008 के एक अध्ययन ने बताया है कि थायराइड हार्मोन बालों के विकास के चक्र के साथ साथ बालों की रचना के कई पहलुओं को प्रभावित करता है। (और पढ़ें – अगर लंबे घने चमकदार बालों को लेकर हैं परेशान तो सौंदर्य गुरू शहनाज़ हुसैन के ये हेयर सीक्रेट्स आएँगे काम)

जब भी आप अपने बाल धोते है उसके बाद गीले बालो पर कभी भी कंगी न करे. जब आपके बाल गीले होते है उस समय वे बहुत ही कमजोर और नाजुक होते है जो बड़ी आसानी से टूट सकते है. इसलिए गीले बालों को हमेशा तौलिये या किसी कपडे से आराम से सुखाये.

लोगो में बालो के झड़ने के विभिन्न कारक हो सकते है। प्रदुषण लोगो के बाल झड़ने का मुख्य कारको में से एक है। यहाँ तक की बाल धोने के क्रम में पानी का प्रयोग भी बाल झड़ने के कारको में से एक हो सकता है। ऐसे विभिन्न तरीके है जिनके माध्यम से बाल झाड़ना कम किया जा सकता है। बालो का झड़ना कम करने के लिए बाज़ार में विशेष रूप से बाल मास्क की किस्मो और शैम्पू के साथ कंडिशनर उपलब्ध रहते है। लेकिन इनमे से सभी उपयुक्त नही हो सकते। आज स्टेम सेल थेरेपी एक नयी तकनीक है। जो सिर से बालो का झड़ना कम कर सकती है और उनकी जगह नए बालो को विकसित कर सकती है।

एक अन्य तरीके से भी समझाया जा सकता है बालों का सफेद होना जीन पर निर्भर है। कई बार जीन का प्रभाव पूरा नहीं होता। इस कारण बाल या तो कम सफेद या सफेद होते ही नहीं। किंतु जब जीन का प्रभाव होता है तो बाल सफेद हो जाते है। दूसरा मुख्य कारण थाइराइड ग्लैड है। युवाओं के शरीर में इस ग्रंथी (ग्लैड) की स्राव कमी या अधिकता बालों को सफेद बना देती है। दवाएं भी बालों की सफेदी के कारणों में से एक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एंटी मलेरिया दवा के प्रयोग से बाल समय से पहले सफेद हो जाते है। खाने में प्रोटीन या आयरन की कमी व विटामिन बी-12 की कमी से भी बाल सफेद हो जाते है। यंग ऐज में जैनेटिक एग्जिमा के कारण तथा आजकल एचआईवी व एड्स पीड़ितों में भी यह समस्या देखी जा रही है। परनीसियस अनीमिया से ब्लड बनाने वाले सेल बिगाड़ने के कारण भी कम उम्र में बाल सफेद हो जाते है।

प्रदूषण की वजह से भी काफी बाल झड़ते हैं। ऐसी स्थिति में एलोवेरा बालों को झड़ने से रोकने का तथा बालों को दोबारा बढ़ाने का काफी कारगर नुस्खा है। एलोवेरा के बालों पर प्रयोग से बालों के झड़ने की तथा सिर खुजलाने की समस्या कम होती है। एलोवेरा में मौजूद एल्कलाइन गुण बालों के ph स्तर को बढ़ाते हैं जिससे बालों के बढ़ने में मदद मिलती है। एलो वेरा जेल से डैंड्रफ से निपटा जा सकता है। एलोवेरा की एक पत्ती लें तथा उससे जेल निकालें। इसे बालों पर लगाएं और कुछ घंटे ऐसे ही रखने के बाद गर्म पानी से बाल धो लें। अच्छे परिणामों के लिए इस पद्दति का प्रयोग हफ्ते में 3 से 4 बार करें।

कुछ लोगों को ज्यादा पानी पीने की आदत नहीं होती जिससे मेटाबोलिक प्रक्रिया ठीक रहती है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर से हानिकारक पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। नियमित रूप से पानी पीने से बाल स्वस्थ रहते हैं और इनके बढ़ने में कोई रुकावट नहीं होती।

अगर आप अपने बालों को मजबूत और चमकदार बनाना चाहते हैं तो आपको एलोवेरा का इस्तेमाल करना चाहिए। एलोवेरा जेल से सिर पर अच्छे से मालिश करनी चाहिए जब आप सप्ताह में दो बार एलोवेरा जेल से मालिश करते हैं तब आपके बाल झड़ना बंद हो जाते हैं। साथ ही इससे रूखे बालों को भी पोषण मिलता है।

खोपड़ी की मालिश बालों की बृद्धि को बहाल करने में मदद कर सकता है और बालों के तेलों और मास्क के साथ संयोजन में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह खोपड़ी को उत्तेजित करता है और बाल की मोटाई में सुधार कर सकता है । हर दिन आपके सिर की मालिश करने के लिए समय लेना, तनाव को दूर करने में आपकी सहायता कर सकता है। ऐसा लगता है कि मालिश से त्वचीय पेपिला कोशिकाओं में बालों के विकास और मोटाई को बढ़ाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *