“नर गंजापन उपचार बालों के झड़ने बायोटिन अध्ययन”

अन्य कारण वे महत्वपूर्ण बाल नुकसान कर रहे हैं सदमे, तनाव और चिंता, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के फ्लू के रूप में गंभीर बीमारियों की वजह, कैंसर, उपदंश, एनीमिया. गंजापन में जो न होने के नाते साफ खोपड़ी मामलों में विकसित किया जा सकता. खोपड़ी पर एकत्र गंदगी है कि बालों की जड़ें कमजोर हो जाएगा और गिर. आनुवंशिकी भी बालों के झड़ने के लिए महत्वपूर्ण कारणों में से एक है.

माइनोक्सिडिल नामक दवा का इस्तेमाल कम बाल वाले हिस्सों पर रोज करने से बाल गिरना रुक जाता है तथा नये बाल उगने लगते हैं। यह दवा रक्त वाहिनियों को सशक्त बनाती है जिससे प्रभावित हिस्सों में रक्तसंचार और हारमोन की आपूति बढ़ जाती है और बाल गिरना बंद हो जाता है। एक और फाइनस्टराइड नामक दवा की एक टेबलेट रोज लेने से बालों का गिरना रुक जाता है तथा कई मामलों में नये बाल भी उगने लगते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांटेशन वास्तव में बाल follicles शरीर के एक भाग से गंजे या बिना बाल क्षेत्र के लिए ले जाता है। आप एक दाता साइट, जो है जहाँ बाल follicles निकाले जाते हैं और फिर एक प्राप्तकर्ता साइट जहाँ बाल follicles रखा जाता है। आइब्रो, eyelashes, जघन बाल, छाती के बाल और दाढ़ी बाल आम तौर पर प्रत्यारोपण के लिए बालों के रोम को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया क्षेत्रों रहे हैं।

स्टडीज से यह भी पता चला है 29% वयस्क लोग एक्सरसाइज नहीं करते। इस में से करीब 34% यानी एक-तिहाई महिलाओं में शारीरिक गतिविधियों की कमी पाई गई। जबकि उन्हें कम से कम 30 मिनट हलकी फुलकी एक्सरसाइज करना चाहिए।

आजकल खून की कमी महिलाओं में बहुत बड़ी समस्या बन गयी है। 20 में से 10 महिलाएं एनीमिया का शिकार होती हैं। शरीर में आयरन की कमी के कारण एनीमिया होता है। ऐनीमिया से पीड़ित लोगों के बाल नाजुक और पतले होते हैं। शरीर में आयरन की कमी के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है। ये लाल रक्त कोशिकाएं बालों के रोम सहित पूरे शरीर में ऑक्सीजन को पहुंचाने का काम करती हैं। पर्याप्त ऑक्सीजन के बिना बालों के विकास और मजबूती के लिए जरूरी आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिसके कारण बाल झड़ने की समस्या पैदा हो जाती है। द जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन अकादमी ऑफ़ डर्मेटोलॉजी में प्रकाशित 2006 के एक अध्ययन में कहा गया है कि आयरन की कमी बालों के झड़ने का मुख्य कारण होता है। इसके कारण एलोपेशीया एरेटा, पुरूषों में गंजापन और डिफ्यूज हेयर लॉस संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि आप में आयरन की कमी है तो आप आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें या अपने डॉक्टर से परामर्श के बाद आयरन के पूरक लें। (और पढ़ें – बालों के लिए किस हेयर आयल का इस्तेमाल करें और कैसे, जानिए फेमस हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब से)

सर्जरी-सर्जिकल प्रक्रियाओं काफी महंगा और दर्द हो सकता है, और जो लोग गुजरना उन्हें जोखिम निशान और संक्रमण है, लेकिन वे एक विकल्प है। दो सर्जरी के सबसे आम प्रकार खोपड़ी कमी और कुछ मामलों में बाल replacement-, दो प्रक्रियाओं एक दूसरे के साथ संयोजन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्?या आप बालों की सफेदी के बारे में फैली अलग-अलग बातों को लेकर संशय में रहते हैं और इसके पीछे की हकीकत जानना चाहते हैं। तो, नीचे दिये लेख को पढ़ें और बालों को सफेद होने से रोकने के उपायों के बारे में जानें। खूबसूरत बाल तो कुदरती तोहफा माना जाता है और हम भी अपने बालों को हमेशा चमकदार और काला घना बनाये रखना चाहते हैं। लेकिन, रोज हानिकारक कैमिकल्स के संपक में आने, अपर्याप्त आहार, तनाव और अन्?य कई कारणों से हमारे बाल समय से पहले ही सफेद होने लगते हैं। तो, बालों के असमय सफेद के पीछे कई मिथ भी चले आते हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चले आते हैं और लोग उन्हें सच मानने लगते हैं। जी हां, इन मिथों में कई सच्चाइयां भी छुपी होती हैं, लेकिन सभी बातें पूरी तरह सच नहीं होतीं। अगर आप इन बातों का सही प्रकार से ध्यान न रखें तो आप गलत रास्ते पर जा सकते हैं, जिससे आपको काफी नुकसान हो सकता है। तो जरूरी है कि आप मिथ और हकीकत के फक को समझें। और बालों के असमय सफेद के पीछे के जरूरी कारणों और इलाजों को जानें।

उम्र बढ़ने निश्चित रूप से एक कारक के रूप में कई जो उम्र शुरू करने के लिए बालों के झड़ने का अनुभव है, लेकिन कुछ के लिए यह बीमारी, तनाव या जीवन में बाद में होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के साथ जुड़ा हुआ है।

मुलेठी एक जड़ीबूटी है जो बालों का झड़ना तथा अन्य कोई नुकसान रोकती है। इसमें सुकून देने वाले गुण होते हैं जो रोमछिद्रों को खोलते हैं, खुजली दूर करते हैं और सिर को राहत देते हैं। डैंड्रफ से भी बाल झड़ते हैं और गंजापन आ जाता है, अतः इसे ठीक करने के लिए मुलेठी की जड़ का प्रयोग करें। मुलेठी की जड़ को दूध के साथ मिलाएं तथा सोते समय सिर के बाल रहित भागों पर अच्छे से लगाएं। बालो को उगाने के उपाय, इसे रातभर छोड़ दें और सुबह शैम्पू कर दें।

1 कप मेथी के बीज रातभर भिगोकर सुबह उन्हें पीस लें। इसमें 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस मिलाकर यह मिश्रण सर की त्वचा पर लगाएं। बालों को शावर कैप से ढंक लें। 20 मिनट तक रुकें। फिर ठंडे पानी से बालों को धो डालें। मेथी के बीज बालों से रुसी मिटाता है।

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रासायनिक उत्पाद का इस्तेमाल (Use of Chemical Products) – आजकल मार्किट में अनेको कंपनी के शैम्पू, हेयर आयल और कंडीशनर जैसी चीजों की भरमार है| बालो को झड़ने से रोकने के लिए मार्किट में अनेक प्रकार के हेयर आयल मौजूद है, लेकिन ये सभी प्रोडक्ट पूरी तरह से कैमिकल युक्त होते है| मार्किट में मौजूद अधिकतर Cosmetic products में हानिकारक तत्व होते है| रोजाना इन Cosmetic products का इस्तेमाल करने से, ये तत्व बालो की जड़ो को कमजोर बना देते है, जिससे बाल झड़ने लगते है|

एलो वेरा को तोड़ने के बाद निकलने वाले पीले रंग के पदार्थ में विषाक्त पदार्थ पाए जाते हैं। अगर आप उसे अपनी त्वचा पर लगाते हैं तो पीला पदार्थ आपकी त्वचा पर खुजली पैदा कर सकता है। एलो वेरा के गूदे को निकालने से पहले आप पौधे को उबाल लें जिससे सभी विषाक्त पदार्थ खत्म हो जाएँ। 

दोस्तों गंजेपन व बाल झड़ने के कारण और उपचार, Hair fall ke karan (reason) in hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास महिलाओं और पुरुषों में गंजापन व बालों के झड़ने का कारण क्या है, किस विटामिन की कमी से हेयर फॉल होता है से जुड़े सुझाव है तो हमारे साथ साँझा करे।

अन्य घरेलू उपाय: कई घरेलू और प्राकृतिक उपायों का बालों के झड़ने से रोकने में इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रहे कि इन विधियों का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और हो सकता है कि बालों के झड़ने को कम करने में ये आपकी कोई सहायता न कर पाएँ। ऐसे में शक होने पर हमेशा अपने चिकित्सक की सलाह लें।

खानपान- बालों की सेहत के लिए विटामिन, बायोटीन, मिनरल व प्रोटीन युक्त भोजन के साथ साथ बादाम, मूंगफली, काजू, गोभी, अलसी आदि भी लेने चाहिए। आजकल के दौर में लाइफस्टाइल, अत्यधिक तनाव और लगातार केमिकल युक्त उत्पाद का इस्तेमाल बालों के झड़ने की समस्या को बढ़ाता है। बार-बार शैंपू का ऑयल बदलना भी इसका कारण होता है। इसके अलावा सिर की त्वचा का रुखा बना रहना और तेल की मालिश ना करना भी एक वजह हो सकती है।

मैं कैसे पुरुषों में बालों के झड़ने को रोकने के लिए के बारे में बात करने जा रहा हूँ. पुरुषों में बालों का झड़ना एक बहुत ही मनोवैज्ञानिक तौर पर परेशान मुद्दा यह है कि अधिकांश पुरुषों उनके 20s में कुछ समय का सामना करना पड़ता है, 30रों, और 40. शुक्र है वहाँ कई बालों के झड़ने के उपचार के लिए उपचार उपलब्ध हैं.

1) FUT प्रक्रिया को स्ट्रिप प्रक्रिया भी कहते हैं क्यों की इसमें सिर के पीछे से बालों की स्ट्रिप निकाली जाती है।सबसे पहले मरीज को local anesthesia देकर अचेत (सुन्न) कर दिया जाता है। फिर मरीज के डोनर एरिया से एक 1.6-1.7cm चौड़ी स्ट्रिप निकाली जाती है। आधे इंच की एक स्ट्रिप में आम तौर पर दो से ढाई हज़ार follicles हो सकते हैं और एक फॉलिकल में दो से तीन बाल होते हैं। जहां फॉलिकल्स लागए जाते हैं वहां पर एक रात के लिए पट्टिआं लगा दी जाती हैं जिन्हे अगले दिन क्लिनिक जाकर उतरवाया जा सकता है।फॉलिकल्स लगाने के बाद डोनर एरिया (Donor Area ) में टाँके लगा दिए जाते हैं। यह टाँके कुछ एक से दो हफ़्तों में सामान्य हो जाते हैं। पर इस प्रक्रिया मंं दर्द FUE से ज़्यादा होता है।

केल्प, नोरी तथा वॉकमे जैसी सब्ज़ियाँ अपने खानपान में शामिल करें जिनमें आयोडीन की काफी मात्रा होती है और ये सब्ज़ियाँ बालों के लिए काफी फायदेमंद होती हैं। नल का पानी पीने से परहेज करें क्योंकि इनमें फ्लोरिन और क्लोरीन की मात्रा होती है, हालांकि इस पानी में आयोडीन की काफी मात्रा होती है। आप रोज़ाना १०० मिलीग्राम ब्लैडररैक नामक जडीबुटी का सेवन कर सकते हैं।

बालों रंग काला मेलानिन के कारण होता हैं, जो हमारी त्वचा के पिगमेंट में होता है। जिनके बालों का रंग हल्का काला होता है उनमें मेलानिन की कमी होती है। आप देखते हो न कि बड़े लोगों के बाल सफेद या ग्रे हो जाते हैं, असल में उनमें मेलानिन पिगमेंट खत्म हो जाता है, इसलिए उनके बाल सफेद हो जाते हैं। बालों का रंग अक्सर त्वचा के रंग पर निर्भर करता है। अगर आपका रंग फेयर है तो बालों का रंग सुनहरा होगा और अगर आप सांवले हैं तो बालों का रंग काला होगा। ज्यादातर देखा जाता है कि बच्चों के बालों का रंग उनके माता-पिता से विरासत में मिलता है।

किसी भी प्रकार की शारीरिक चोट जैसे सर्जरी, कार दुर्घटना, गंभीर बीमारी या फ़्लू के कारण भी बाल झड़ते हैं। यह एक प्रकार का टेलोजेन एफ्लुवियम (Telogen effluvium) है जिसमें सिर की त्वचा विश्रामावस्था (Telogen phase) में जल्दी चली जाती है अर्थात और बालों का बनना रोक देती है। अगर आप इस तरह की किसी परिस्थिति का शिकार हैं तो इससे आपके बालों के जीवन चक्र पर असर पड़ेगा। न्यूयॉर्क शहर के त्वचा विशेषज्ञ के अनुसार, किसी भी दुर्घटना के तुरंत बाद यह पता नहीं चलता। 3-6 महीनों के उपरांत आपको परिवर्तन देखने को मिलता है। लेकिन जैसे ही हार्मोन सामान्य हो जाते हैं बालों के झड़ने की समस्या भी ठीक हो जाती है। (और पढ़ें – ये आम गलतियाँ जो आपके बालों को करती हैं खराब)

पहले ऐसा लगता था कि पुरूष ही गंजे होते है और महिलाओं के बाल झड़ते हैं। लेकिन अब थोड़ा ट्वीस्ट है, महिलाओं में भी गंजेपन की समस्?या सामने आने लगी है। एक अध्ययन के मुताबिक, हर बाल एक छेंद पर उगता है उसे फोलीसाइल कहते हैं। जैसे-जैसे फोलीसाइल सिकुड़ते है तो बाल झड़ते है और वहां गंजापन हो जाता है। महिलाओं में भी ये समस्या देखने को मिलती है। कई बार इसी समस्या के चलते लम्बे और मोटे बाल, छोटे और पतले बालों में बदल जाते हैं। महिलाओं में एकदम से कभी भी गंजापन नहीं होता है। पहले उनके बाल झड़ते हैं, पतले होते और बाद में गंजापन हो जाता है।

तिल- तिल के तेल से बालों की मालिश करना बेहतर माना जाता है। आदिवासी हर्बल जानकारों की मानी जाए तो तिल के तेल में थोड़ी-सी मात्रा गाय के घी और अमरबेल के चूर्ण में मिला ली जाए और सिर पर रात में सोने से पहले लगा लिया जाए तो बाल चमकदार, खूबसूरत होने के साथ घने हो जाते हैं और यही फार्मूला गंजेपन को रोकने में मदद भी करता है।

अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन की कम मात्रा ले रहे हैं तो आपका शरीर बालों के लिए प्रोटीन की खपत को बंद कर देता है ताकि पहले शरीर की आवश्यकता पूरी हो सके। इस कारण प्रोटीन की कमी होने से बालों का झड़ना बढ़ जाता है। त्वचावैज्ञानिक के अनुसार, प्रोटीन की कमी होने के 2-3 महीनों के बाद असर पता चलता है। हमारे बाल केरेटिन नामक प्रोटीन से बने हुए हैं। प्रोटीन का हमारे बालों के विकास और गुणवत्ता से सीधा सम्बन्ध होता है। हार्मोन के ऊतक की मरम्मत को नियंत्रित करने के साथ साथ शरीर के भीतर विभिन्न कार्यों के लिए प्रोटीन महत्वपूर्ण होता है। ज्यादातर लोग अपर्याप्त प्रोटीन लेते हैं। लेकिन खराब अवशोषण के कारण भी हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है। यदि आप पर्याप्त प्रोटीन नहीं लेते हैं तो आपको अपने भोजन में मांस, मुर्गी, मछली, बीन्स, सोया उत्पादों, बादाम, दही और अंडे को शामिल करना चाहिए।  (और पढ़ें –  डल और ड्राई बालों के लिए ज़रूर करें इस हेयर मास्क का इस्तेमाल)

अंडे के मास्‍क को आप वैक्‍स की तरह इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसे बनाने के लिए एक अंडे के सफेद भाग को फेंटकर अपने चेहरे पर लगाये और सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें। इससे अनचाहे बाल निकलने के साथ झुर्रियों की समस्‍या से भी निजात मिल जाता है। image courtesy : gettyimages.in

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