“बालों के झड़ने का सबसे अच्छा व्यायाम -नारियल के तेल”

गंजापन दुर्भाग्य से सभी पुरुषों को होता ही है। यह पुरुष आनुवंशिक कोड में लिखा होता है और उम्र बढ़ने से जुड़ा हुआ है। किन्तु गंजापन तब एक समस्या बन जाता है, जब यह विकराल हो जाता है – उदाहरण के लिए एक व्यक्ति 20 या 30 वर्ष की उम्र में, जिसके बाल झड़ने पहले ही शुरू हो चुके हैं या 40 वर्ष की उम्र का एक ऐसा व्यक्ति जिसका गंजापन 60 वर्ष की आयु वाले व्यक्ति के समान है। गंभीर गंजापन भले ही किसी भी उम्र में हो, हमेशा एक कॉस्मेटिक समस्या को जन्म देता है, भले ही 20 की उम्र में हो या 60 में, चूँकि यह व्यक्ति की अपीयरेंस में कहीं न कहीं कमी उत्पन्न करता है।

वैज्ञानिकों ने सीने के बाल को सिर पर ट्रांस्पलांट कर गंजेपन के बावजूद भी बाल उगाने में सफलता प्राप्त की है। इस विधि को उन्होंने फॉलिक्यूलर युनिट एक्सट्रैक्शन का नाम दिया है। अब तक बालों के ट्रांसप्लांट के दौरान सिर के पिछले हिस्से से, जहां बाल अधिक होते हैं, बाल निकालकर सिर के उन हिस्सों पर लगाया जाता है जहां बाल झड़ चुके होते है।

बालों का झड़ना और कुख्यात घटता सिर के मध्य उन है कि इस आम हालत से ग्रस्त अक्सर शर्मिंदा और संकोची उनकी उपस्थिति के बारे में छोड़ दिया जाता है emergencies- चिकित्सा नहीं हो सकता। चिकित्सा उपचार मौजूद हैं, लेकिन निषेधात्मक लागत जा सकता है। बालों के झड़ने और फिर से बढ़ रही बाल रोक के लिए घर उपचार के लाभ साबित किया गया है।

जिल्दों को संलग्न करने के लिए टांके की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि बाल जगह में रखे जाते हैं, जब बाल डाले जाते हैं तब रक्त के थक्के (मोटा होना) की कार्रवाई होती है। ठीक बाल खोपड़ी और मोटा बाल के सामने एक प्रक्रिया में वापस ग्रेडिंग नामक प्रक्रिया में रखा जाता है। इससे अधिक प्राकृतिक परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलती है छह महीनों के भीतर, बालों को व्यवस्थित और फिर से शुरू करना चाहिए।

अरंडी तेल  (Castor Oil) में विटामिन ई के साथ बालों की ग्रोथ के लिए जरुरी औमेगा फैटी-9 एसिड रहता है। इस तेल से बालों के स्कैल्प की मसाज करने से बाल कुदरती तरीके से लंबे और घने होते हैं। वैसे अरंडी का तेल काफी गाढ़ा होता है, अगर इसके साथ बराबर मात्रा में नारियल तेल, जैतून का तेल और बादाम का तेल मिला लिया जाए तो यह और असरदार हो जाता है। सभी तेलों को मिलाकर 5 मिनट तक बालों के स्कैल्प की मसाज करें। चालीस मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से बालों को धो लें। ऐसा नियमित करने से जल्द ही बालों की लंबाई में असर दिखने लगेगा।

2005 में स्थापित, Sanhe सौंदर्य अग्रणी लेजर में से एक है और चीन में बालों के झड़ने उपचार प्रणाली निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं का नेतृत्व किया। आप कम कीमत और उत्कृष्ट सेवा की पेशकश, हम थोक गुणवत्ता उच्च गुणवत्ता वाले लेजर के लिए आपका स्वागत करते हैं और चीन में बाल झड़ने के उपचार प्रणाली का नेतृत्व करते हैं।

मेंहदी, नीम और ग्रीन टी समेत ऐसे कई हर्ब्स हैं जिसे बालों पर लगाने से बाल घने और लंबे होते हैं। मेंहदी इसमें सबसे ज्यादा असरदार है, क्योंकि यह बालों की जड़ों यानि स्कैल्प को पोषण देता है। इससे बालों में चमक आती है।

पुरुषों और महिलाओं के ऊपर सूचीबद्ध उसी लक्षण अनुभव कर सकते हैं; तथापि, मतभेद भी खालित्य के कारण के आधार पर पाया जा सकता है। अक्सर पुरुषों, बद बालों के झड़ने या परिपत्र पैच के लिए शुरुआत कर रहे हैं। यह जब तक एक परिपत्र पैटर्न में उभरे जिसमें thinning क्रमिक था सिर के शीर्ष पर हो सकती है। पुरुष भी जिसमें वे बाल उनके माथे के साथ हो सकता है, लेकिन मंदिरों के लिए y significantl दूर जानाशुरू मंदिर बालों के झड़ने का अनुभव। यह आमतौर पर असमान बाल झड़ने के साथ मंदिरों के संदर्भ में घटता चला है, लेकिन कुछ मामलों में यह हो सकता है बालों का एक भी मंदी।

बाल बहाली सर्जरी की श्रेणी में आता (लगभग) तुरंत संतुष्टि. कुछ लोगों को वजन घटाने के लिए त्वरित समाधान की तलाश, व्यायाम कार्यक्रम, veneers और कॉस्मेटिक सर्जरी. बहाली सर्जरी करने के लिए एक ही रास्ता हो सकता है “बढ़ने” बाल अगर कूप लंबे मर चुके हैं और संभवतः लेजर कंघी प्रक्रिया द्वारा दोबारा से नहीं किया जा सकता. सर्जरी दुर्घटना के शिकार लोगों जिसका खोपड़ी ऊतक एक ऐसा क्षेत्र है और अन्य अक्षुण्ण में क्षतिग्रस्त हो गया था के लिए फायदेमंद हो सकता है. तथापि, औरत या पतले बालों के साथ आदमी के लिए एक हाथ लेजर उपकरण में एक अधिक सुरक्षित और कम खर्चीला है. कभी कभी सफलता के लिए सबसे अच्छा तरीका है सबसे तेजी से नहीं है, लेकिन यह अंत में अधिक प्रभावी है.

जब आप dht (Dihydrotestosterone) के शिकार है तो ये दर्द काफी ज़्यादा बेचैनी पैदा करने वाला हो सकता है। इसके अंतर्गत मूत्रमार्ग के पास संकुचन (Contractions) उत्पन्न हो जाता है और मूत्र विसर्जन में परेशानी (दर्द) होती है। ये समस्या बूढ़े लोगों में आम होती है, इसलिए ये आवश्यक है कि आप लौकी के बीजों का सेवन करें। dht (Dihydrotestosterone) का सम्बन्ध सीधे बालों के झड़ने से है इसलिए लौकी के बीजों का प्रयोग करना आवश्यक है।

It is important to remember that will dermatologists and medical researchers are working to create pills, creams, lasers, and procedures to combat hair loss, none of the these can reverse the power over genetics. Genetics has ultimate control over your physical traits as it relates to your hair growth.

दही का सेवन हमारे बालों तथा शरीर दोनों के लिए ही अच्छा माना जाता है। दही से बालों को पोषण मिलता है। जब भी आप बाल धोते है तो बाल धोने से करीब 30 मिंट पहले बालों में लगा ले। 30 मिनट पुरे होने के बाद बालों को साफ पानी से धो ले। ऐसा करने से बालों का गिरना धीरे-धीरे कम होने लगेगा।

1970 के दशक में किए गए एक अध्ययन तीन छवियाँ कैसे गंजापन को समय पर माना गया था निर्धारित करने के लिए इस्तेमाल किया। कई जो बिना बाल सिर या गंजा व्यक्ति की तस्वीर में व्यक्ति सुस्त, कमजोरऔर निष्क्रियके रूप में माना का चित्र देखा था। गंजापन के अधिक के साथ व्यक्ति बदसूरत, बुरा माना जाता था और निर्दयी। बालों की एक पूर्ण टोपी के साथ व्यक्तिगत मर्द का, सुन्दर, सक्रिय, मजबूत और तेज माना जाता था। 30 से अधिक वर्षों पहले की ये लकीर के फकीर निश्चित रूप से सुधार हुआ है। फिर भी, कुछ व्यक्तियों को, जो बिना बाल, गंजे या हारी बाल हैं के लिए नकारात्मक प्रभाव मौजूद हैं।

नारियल का दूध (कोकोनट मिल्क) बालों को पोषण देता है और उनके बेहतर विकास में मदद करता है। इसके अलावा, यह बालों को मुलायम बनाने में भी मदद करता है। बस बालों इसे लगाएं और मसाज करें और आधे घंटे बाद धो दें।

लेकिन अफसोस कोई नुस्खा जूलियस सीज़र के काम ना आ सका. लेकिन सीज़र ने एक अच्छा काम किया कि अपने पीछे के बालों को बढ़ाना शुरू कर दिया. फिर वही उनका स्टाइल बन गया. सुक़रात, नेपोलियन, अरस्तू, गांधी, चार्ल्स डार्विन, विंस्टन चर्चिल और शेक्सपियर जैसी बड़ी हस्तियां भी बालों की खूबरसूरती से महरूम थीं. सिर पार बाल उगाने की हसरत लिए ये सभी दुनिया से रुख़सत हो गए.

बालों के झड़ने के लिए चिकित्सा कार्यकाल खालित्य है. वहाँ एक जनसंख्या लक्ष्य जो इस हालत से ग्रस्त है. पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के एक जैसे बालों के झड़ने का अनुभव कर सकते हैं. अलग-अलग लोगों में अलग अलग तरीके इस शर्त को स्वीकार. कुछ लोगों का यह शर्म नहीं कर रहे हैं और उनके गंजापन बताने के लिए पसंद करते हैं इलाज नहीं है और यह छिपा नहीं. दूसरों के अलग-अलग उपचार बालों के झड़ने के लिए प्रयास करें और बाल शैलियों के साथ अपने गंजे हिस्से को कवर, मेकअप, टोपी या स्कार्फ.

Dr Garima Sancheti is a Ph.D. in Radiation and Cancer Biology, and a contributing author for popular magazines such as American Chronicle, Positive Health, Suite101.com, Greenkind, Essential Herbal, Disabled world and Midwifery Today. Currently writing on herbs and health as freelancer…

हार्मोनल परिवर्तन (Hormonal Changes) – महिलाओं में Pregnancy और डिलीवरी के दौरान बहुत तेजी से हार्मोन्स में परिवर्तन होता है| हार्मोन्स में आया अचानक यह बदलाव भी बाल झड़ने का कारण है| मासिक धर्म के बंद होने जाने या थाइरोइड जैसी प्रॉब्लम होने पर भी हार्मोन्स में बदलाव आता है, जिसके कारण हेयर फॉल की प्रॉब्लम का समाना करना पड़ता है|

स्टेम सेल पद्दति से बालों को पूरी तरह उगाने का खर्च भारत में करीब 1 लाख रूपए हो सकता है, पर यह कीमत हर क्लिनिक पर अलग अलग होती है। इस उपचार से अच्छे परिणाम प्राप्त करने और खतरों को कम करने के लिए सिर्फ अच्छे क्लिनिक से ही अपना उपचार करवाएं और इस बात को सुनिश्चित करें कि सबसे अनुभवी डॉक्टर ही आपका इलाज कर रहे हों।

एलोवेरा बालों को बढ़ने में मदद करता है। एलोवेरा जेल लगाने से बालों का झड़ना और गिरना कम होता है। यह डैंड्रफ तो कम करता ही है, साथ ही बालों में शाइनिंग भी लाता है। एलोवेरा जेल में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं। इसे 20 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें। बीस मिनट के बाद बालों में शैंपू कर लें। इसे हफ्ते में एक या दो बार आजमा सकते हैं। एलोवेरा जेल में नारियल तेल भी मिला सकते हैं। इसके अलावा एलोवेरा जूस पीना भी बालों के सेहत के लिए असरदार साबित होगा।

Hair Fall ek bimari hai jisse insan ganja ho jata hai. Ye bimari aapke pure baal ko kha jati hai. Par darne ki koi jarurat nahi hai. Aise bahut se treatment hai jinse aap ganje pan se bach sakte hai. To aaj ki is video mein, mai apko gharelu nuskhe btaugi jise apke baalo ka ganjapan dur ho jaega…

कोलेजन घुंघराले बालों में पाया जाता है पर उम्र के साथ साथ ये टूटता जाता है जिससे बालों के टूटने की समस्या बढ़ती है। कोलेजन को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका विटामिन सी का काफी मात्रा में सेवन करना है। जिन भोजनों में विटामिन सी होता है वे हैं सिट्रस फल, स्ट्रॉबेरी तथा लाल मिर्च। एपीआई रोज़मर्रा की जीवनशैली में इसका २५० मिलीग्राम प्रयोग में लाने पर कोलेजन की मात्रा बढ़ती है जिससे कि झुर्रियों को भी कम किया जा सकता है।

आमला, शिकाकाई, रीठा और दूसरों सीधे प्रकृति से उपलब्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां बाल विकास के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपचार में प्रयोग की जाती हैं। रात में इन जड़ी बूटियों को पानी में भिगों दे और सुबह इस जड़ी बूटियों के पानी का उपयोग करें। अगले उपयोग के लिए जड़ी बूटियों के ठोस भाग को निकाल ले और फिर दोबारा भिगोकर उपयोग करें। और जब इन जड़ी बूटियों का प्रभाव पूरी तरह से समाप्त हो जाये तो आप इन्हे निकालकर फेंक दे और नई जड़ी बूटियों को प्रयोग करे।

प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद, मरीज़ के सिर के पिछले हिस्से पर एक पट्टी बांधी जाती है, किन्तु ट्रांसप्लांट किए गए क्षेत्र को खुला रखा जाता है। ट्रांसप्लांट किए गए बालों को रगड़ने से बचाने जैसी न्यूनतम सावधानियों की सलाह दी जाती है। रोगी ट्रांसप्लांट किए गए क्षेत्र को ढँकने के लिए अगले दिन से एक टोपी पहन सकता है। पपड़ी को धुलने के लिए 4-7 दिनों के बाद या उससे पहले बालों में शैंपू करने की सलाह दी जाती है। अधिकाँश ट्रांसप्लांट किए गए बाल लगभग 20 दिनों में गिर जाएंगे, चूँकि बाल टेलोजेन फेज में चले जाते हैं, जैसे ही जड़ें ट्रांसप्लांटेशन के बाद सुषुप्त अवस्था में चली जाती हैं। यह ट्रांसप्लांट किए गए बालों का सामान्य चक्र है। इस बारे में चिंता न करें, लगभग 3 माह में जड़ों से वापस नए बाल उगना शुरू हो जाएंगे तथा 12 महीनों में पूरा घनत्व प्राप्त हो जाएगा। उत्तरजीविता की सफलता दर बहुत अधिक है तथा लगभग 98% बालों से जीवित रहने की उम्मीद की जाती है। यह दर आरोग्यम हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक में नियमित रूप से प्राप्त की जा रही है। प्रक्रिया से पहले, रोगी का मनोवैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। उसकी आवश्यकताओं को समझा जाना चाहिए तथा प्रक्रिया की संभावनाओं एवं सीमाओं के बारे में बताया जाना चाहिए। रोगी को यह बताया जाना चाहिए कि उसे अपने मूल हेयर पैटर्न के वापस आने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए बल्कि एक प्राकृतिक हेयरलाइन प्राप्त करने के द्वारा उसे छिपाने और बालों का घनत्व बढ़ाने की उम्मीद करनी चाहिए। ट्रांसप्लांट किए गए बालों की मात्रा का निर्धारण हेयर लॉस की मात्रा, लागत, मरीज की उम्मीदों आदि जैसे कारकों के आधार पर किया जाता है। मरीज़ शुरुआत में एक छोटा ट्रांसप्लांट करा सकता है और फिर मूल बालों के गिरने के 3 या उससे अधिक वर्षों के बाद फिर आगे के इम्प्लांट के लिए वापस आ सकता है।

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