“बाल विकास की गोलियों का काम +बालों के झड़ने के उपचार केन्द्रों”

हम ऐसे संगठनों और पर बालों के झड़ने परियोजनाओं की एक विस्तृत सूची है हमारी 10 बेस्ट बालों के झड़ने मंच की पृष्ठ. हम आपको अपने प्रयास के साथ सबसे अच्छा इच्छा एक बालों के झड़ने उपाय है कि अपनी आवश्यकताओं को पूरा खोजने के लिए.

सर्जनों ने छोटे और अधिक छोटे ग्राफ्ट ट्रांसप्लांट करने की तकनीकें विकसित करना जारी रखा। शुरुआत में, पंच ग्राफ्ट लिए जाते हैं किन्तु इसने नए बालों को अप्राकृतिक अपीयरेंस प्रदान किए। 1990 में, लिमर ने पट्टियों से कूपिक इकाइयों को निकालने के लिए माइक्रोस्कोप का प्रयोग करने की तकनीक का विकास किया। तब से कूपिक इकाई ट्रांसप्लांटेशन के लिए स्वर्णिम मानक बन गई। 2002 में, एकल कूपिक इकाइयों के निष्कर्षण के साथ एफ़यूई का विकास हुआ। आरंभ में, मैनुअल पंच प्रयोग किए जाते थे, किन्तु 2004 से एफ़यूई में मोटरयुक्त ड्रिल प्रयोग की जाने लगी और यह वर्तमान में सर्वाधिक उन्नत तकनीक है।

एलोवेरा, बालों की देखभाल के लिए सबसे उपयोगी पौधा है। आप इसे अपने घर में, गार्डन में, छत पर कहीं भी आसानी से गमले में लगा सकते हैं। एलोवेरा की पत्तियों में पाया जाने वाला जैल बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मार्केट में एलोवेरा पाउडर भी मिलता है जिसे बालों में लगाने से लाभ मिलता है। इस पाउडर के पेस्‍ट को बालों में 15 – 20 मिनट के लिए लगाना होता है। इसे लगाने से बाल मजबूत हो जाते है और टूटते नहीं है। एलोवेरा को लगाने से बालों में कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता है।

महिला हार्मोन चिकित्सा और बालों के झड़ने से रजोनिवृत्ति – बालों के झड़ने के कुछ कारणों में से एक महिला कूप एक नई विकास की रोकता सकता है आने से हार्मोनल उपचारों ऐसा है कि महिला हार्मोन के रूप में एक प्रोजेस्टेरोन. बालों के झड़ने और रजोनिवृत्ति और जुड़े हैं आमतौर पर महिलाओं में बाल thinning बड़े परिणाम में. रजोनिवृत्ति से पहले, महिलाओं के अनुभव बालों के बारे में 13 प्रतिशत thinning. रजोनिवृत्ति के बाद, समस्या की महिलाओं से बढ़ जाती है के बारे में 37 प्रतिशत करने के लिए रिपोर्टिंग.

—-कुछ लोग बालों में बार-बार कंधी करते हैं,ये सोचकर कि इससे बाल लंबे होंगे या फिर बाल सुलझें रहेंगे लेकिन आपको बता दें इससे भी कई बार बाल झड़ते है। आपको बालों को दिन में कम से कम 2-3 बार कंधी करें, इससे आपके बाल कम से कम उलझेंगे और बाल कम टूटेंगे। यानी बाल सुलझे भी रहेंगे और बालों के टूटने का डर भी खत्म।

बालों का घनत्व बढ़ाने के लिए बाल झड़ने की समस्या को रोकना आवश्यक है। मेथी के बीजों की सहायता से बालों का झड़ना रोकें। 2 से 3 चम्मच मेथी के बीज लें तथा इन्हें पानी में सारी रात भिगोकर रखें। अगली सुबह इन्हें पीसकर एक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपने सिर तथा बालों पर लगाएं। इसे 30 से 40 मिनट तक रहने दें तथा एक सौम्य शैम्पू की मदद से अच्छे से धो लें। कुछ महीनों तक इस विधि का प्रयोग हफ्ते में 2 बार करने पर बालों की समस्या से निजात मिलती है। इसके अलावा इससे बाल चमकदार तथा मुलायम होते हैं।

निर्देश: आंवला फल क्रश और रस पर कब्जा। बराबर भागों ताजा नींबू का रस निचोड़ा को 2 चम्मच जोड़ें और मिश्रण अच्छी तरह से। खोपड़ी को यह लागू करें और सूखी जब तक पर छोड़ दें। एक सौम्य गर्म पानी कुल्ला के साथ इस का पालन करें।

2. पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या जेनेटिक मतलब अनुवांशिक भी होती है। क्यूंकि ये समस्या परिवार के इतिहास से जुड़ी है इसलिए इसके इलाज में जादा कुछ नहीं कर सकते। अच्छा आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपना कर बाल झड़ना और गंजेपन की संभावना को कम किया जा सकता है।

एक ब्लेंडर, जगह 8 स्ट्रॉबेरी और 2 बड़े चम्मच जैतून का तेल. एक मिनट के लिए प्रक्रिया और एक कटोरी में डालना. 2 बड़े चम्मच चीनी और मिश्रण जोड़ें. पेस्ट अपने सारे शरीर पर और धीरे से हाथ धोने के साबुन का झाग. कुल्ला और उसके बाद एक ताजा और चमक त्वचा मिल.

लंबे और घने बालों के लिए डाईट में प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स जरुरी है। अपनी डाईट में वैसे फूड को शामिल करें जिसमें विटामिन ए, बी, सी, ई के साथ-साथ आयरन, जिंक, मैग्नेशियम और सेलेनियम जैसे तत्वों की अच्छी मात्रा मौजूद हो।

आजकल खून की कमी महिलाओं में बहुत बड़ी समस्या बन गयी है। 20 में से 10 महिलाएं एनीमिया का शिकार होती हैं। शरीर में आयरन की कमी के कारण एनीमिया होता है। ऐनीमिया से पीड़ित लोगों के बाल नाजुक और पतले होते हैं। शरीर में आयरन की कमी के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है। ये लाल रक्त कोशिकाएं बालों के रोम सहित पूरे शरीर में ऑक्सीजन को पहुंचाने का काम करती हैं। पर्याप्त ऑक्सीजन के बिना बालों के विकास और मजबूती के लिए जरूरी आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिसके कारण बाल झड़ने की समस्या पैदा हो जाती है। द जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन अकादमी ऑफ़ डर्मेटोलॉजी में प्रकाशित 2006 के एक अध्ययन में कहा गया है कि आयरन की कमी बालों के झड़ने का मुख्य कारण होता है। इसके कारण एलोपेशीया एरेटा, पुरूषों में गंजापन और डिफ्यूज हेयर लॉस संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि आप में आयरन की कमी है तो आप आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें या अपने डॉक्टर से परामर्श के बाद आयरन के पूरक लें। (और पढ़ें – बालों के लिए किस हेयर आयल का इस्तेमाल करें और कैसे, जानिए फेमस हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब से)

इसके तहत सिर के उन हिस्सों, जहां बाल अब भी सामान्य रूप से उग रहे होते है, से केश-ग्रंथियां लेकर उन्हें गंजेपन से प्रभावित हिस्सों में ट्रांसप्लांट किया जाता है। इसमें त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा बहुत कम होता है और उन हिस्सों में कोई नुकसान होने की संभावना कम होती है जहां से केश-ग्रंथियां ली जाती है।

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