“बाल विकास शक्ति पीने +जूमिया पर बाल विकास क्रीम”

यह बालों को नुकसान से रोकने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। अंडे के सफ़ेद हिस्से का चिकत्सीय गुण, बालों की खोई हुई चमक और कोमलता को फिर से वापस लाने में मदद करता है। यह प्रोटीन, सल्फर, आयरन और फास्फोरस से भरपूर होता है जो इसे घने बालों के विकास के लिए उत्कृष्ट मास्क बनाता है ।

जब बात बालों की जड़ों को मजबूत करने की आती है तो लहसुन बालों को झड़ने को रोकने के साथ साथ काफी कारगर सिद्ध होता है। इसमें सल्फर ज़्यादा मात्रा में होती है जो असमय बालों के टूटने को रोकता है और बालों के रोम क्षिद्र को अधिक मजबूत बनाता है।

डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा, “फाइब्रॉएड का उपचार लक्षणों, आकार, उम्र और रोगी के सामान्य स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. यदि कोई कैंसर पाया जाता है, तो यह रक्तस्राव अक्सर हार्मोनल दवाओं द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है.”

गुड़हल के फूलों द्वारा बालों का उपचार एक भारतीय प्राचीन परम्परा है और आयुर्वेद में भी इस उपचार के बारे में बताया गया है. अगर आप बालों को तेजी से लम्बा करना चाहती हैं तो गुड़हल के लाल फूलों को मेहँदी के ताजे पत्तों के साथ पीस कर बालों में मास्क की तरह लगा कर कम से कम 2 घंटे रखें और इसके बाद किसी अच्छे माइल्ड शैम्पू से धों लें. यह बालों को जल्दी लम्बा बनाने का प्राकृतिक उपाय है.

हेयर ट्रांसप्लांट एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है। यह एक शुद्ध चयनात्मक प्रक्रिया है और रोगी की व्यक्तिगत इच्छाएं इस ऑपरेशन को कराने के लिए प्रमुख प्रेरक कारक हैं। इस प्रक्रिया से होने वाले लाभ अत्यधिक हो सकते हैं। गंजापन उस व्यक्ति के सामाजिक एवं पेशेवर, दोनों प्रकार के जीवन को प्रभावित कर सकता है, तथा वे लोग जो इसके प्रति संवेदनशील हैं, इसके बारे में बहुत संकोची हो जाते हैं तथा अन्य व्यक्तियों के साथ आत्मविश्वास पूर्ण ढंग से बात करने में असमर्थ हो जाते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट इन स्थितियों में जीवन परिवर्तक साबित हो सकता है।

खानपान- बालों की सेहत के लिए विटामिन, बायोटीन, मिनरल व प्रोटीन युक्त भोजन के साथ साथ बादाम, मूंगफली, काजू, गोभी, अलसी आदि भी लेने चाहिए। आजकल के दौर में लाइफस्टाइल, अत्यधिक तनाव और लगातार केमिकल युक्त उत्पाद का इस्तेमाल बालों के झड़ने की समस्या को बढ़ाता है। बार-बार शैंपू का ऑयल बदलना भी इसका कारण होता है। इसके अलावा सिर की त्वचा का रुखा बना रहना और तेल की मालिश ना करना भी एक वजह हो सकती है।

आप बालो में शुद्धAloe vera gel से हफ्ते में दो बार मसाज भी कर सकते है। मसाज करने के बाद दो घंटे तक इसे ऐसे ही रहने दे और गुनगुने पानी से बालो को साफ़ कर दे। ऐसा करने से बालो कि growth बढती है और बाल मजबूत होते है।

शरीर में जिंक की कमी बालों के नाजुक होने, कमजोर होने और टूटने का कारण होती है। जिंक की कमी सिर के बालों के साथ साथ आइब्रो और पलकों के बालों को भी प्रभावित करती है। जिंक एक महत्वपूर्ण खनिज है जो ऊतकों के विकास और उन्हें ठीक करने में मदद करता है। यह बालों के रोम से जुड़ी तेल-स्रावित ग्रंथियों के रखरखाव में मदद करता है। इसलिए जब शरीर में जस्ता की कमी होती है यह सीधे बालों के विकास को प्रभावित करता है। इसके अलावा जिंक की कमी से शरीर में प्रोटीन की कमी होने लगती है। प्रोटीन बालों को बनाने में मदद करता है। द इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ट्रिचोलोजी के अनुसार, जिंक की कमी हाइपोथायरायडिज्म से जुड़ी है जो बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण है। जिंक की कमी को पूरा करने के लिए अपने आहार में ब्राजील नट्स, अखरोट, काजू और बादाम जैसे नट्स का सेवन करें। (और पढ़ें – बालों को टूटने से रोकने के लिए बेहद असरदार है यह हेयर मास्क)

थोड़े  से जैतून के तेल (olive oil) को गर्म करके उसमे एक चमच दालचीनी चूर्ण तथा एक चमच शहद मिलकर पेस्ट बना ले. इस लेप को बालो की जड़ो में लगाकर 15 मिनट बाद सर धो ले. यह प्रोयग करने से बालो का झड़ना कम होता है.

शिकाकाई एक अच्छा कंडीशनर और क्लेअंजर (cleanser) है। यह कई रूसी नाशक शैंपू की तैयारी में प्रयोग किया जाता है।  रीठा भी शिकाकाई की तरह समान गुण होने से कंडीशनर और क्लेअंजर के रूप में प्रयोग किया जाता है।  रीठा के प्र्योग से भी बाल चमकदार और रेशमी बनते हैं।

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गीले बालों की काफी सावधानी से तथा अच्छे से देखभाल करें। गीले बालों पर ज़ोर से कंघी चलाने से वे उलझ सकते हैं तथा इससे काफी मात्रा में बाल झड़ सकते हैं। गीले बाल कमज़ोर होते हैं, अतः उनके टूटने की काफी संभावना होती है। अतः कंघी करते वक़्त काफी सावधान रहें।

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