“बाल regrowth उत्पादों रसायनज्ञ गोदाम -हिमालय बाल रेगथ्रीम क्रीम”

हेयर ट्रांस्प्लांटेशन – इस विधि से बालों को एक स्काल्प से दूसरे स्काल्प में स्थानांतरित किया जाता है। इस दौरान एक व्यक्ति के सिर से दूसरे के सिर में बाल इस तरह लगाए जाते हैं कि जिस हिस्से से बाल निकाले गए हों वे दूसरे के सिर में उसी हिस्से पर लगाए जाएं। इसके साथ-साथ बाल झड़ने की रोकथाम से जुड़े अन्य उपचारों को भी किया जाता है।

Non Surgical Hair Replacement अधिकतर पुरुषों को ही सूट करते हैं | इसके फायदों के साथ कुछ नुकसान भी है (There are certain side effects to Non Surgical Hair Replacement)  । सबसे पहला नुकसान यह है कि समय-समय पर आपको इसका मेनटेनेंस करवानी पड़ती है, जिससे यह हमेशा Natural दिखे । अगर आपको हेयरकट करवाना है तो आप सीधे नाई के पास नहीं बल्कि आपने जहां से सर्जरी करवाई है वहां जाएंगे । इस दौरान आपकी मेंब्रेन हटाई जाएगी जिससे मौजूदा बालों को ट्रिम किया जा सके । साथ ही आपको मेंब्रेन में लगे बालों में भी नए सिरे से बदलाव करने होंगे जिससे यह आपके नए लुक के साथ मेल खाएं । समय के साथ मेंब्रेन में खराबी भी आएगी और आपको इसे बदलवाना पड़ेगा । आप इसके लिए कौन सा Material चुनते हैं, उसी आधार पर आपको खास प्रोडक्ट की जरूरत पड़ेगी । Non Surgical Hair Replacement की मेनटेनेंस पर आने वाला खर्च ट्रीटमेंट की cost को बढ़ा देते है । ऐसे में दूर से भले ही आपको Non Surgical Hair Replacement आकर्षक लगे, पर ध्यान रहे कि केवल इसे कराने से ही बात खत्म नहीं होती । अगर आप इसे बरकरार रखना चाहते है तो आपको पैसे खर्च करते रहने होंगे ।

एलो वैरा जेल का प्रयोग करें, जो आपके सर का पी एच (PH) स्तर बढ़ा कर स्वस्थ्य बालों के बढ़ने में सहायाक सिद्ध होता है। बालों में हल्के से एलो वैरा जेल लगाएँ और एक घंटे के लिए छोड़ दें। बालों को धो लें और इस प्रक्रिया को हफ़्ते में दो या तीन बार दोहराएँ।

केरल के स्त्रियों के काले घने बालों का राज नारियल का तेल और जपाकुसुम होता है। यह बालों को पौष्टिकता प्रदान करने के साथ-साथ रूसी के समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करता है। जपाकुसुम फूल का नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर बाल झड़ना कम हो जाते हैं।

पुरुषों में बालों का झडना सामान्‍य समस्‍या है। इसे एण्ड्रोजन एलोपेशिया कहते है। यह ज्यादातर अनुवांशिक कारणों से होता है और यह पीढ़ी दर पीढ़ी परिवारों में चलता है। पुरुषों के चालीस वर्ष की आयु के आसपास बाल झड़ना शुरू हो जाता है। लेकिन, कई लोगों में यह समस्‍या इससे पहले भी शुरू हो जाती है।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्श्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “फाइब्रॉएड गर्भाशय की मांसपेशी के ऊतकों में शुरू होते हैं। वे गर्भाशय की कैविटी में, गर्भाशय की दीवार की मोटाई या पेट की गुहा में बढ़ सकते हैं। फाइब्रॉएड के लिए मेडिकल शब्द है- लेय्योमायोमा। फाइब्रॉएड शरीर में स्वाभाविक रूप से उत्पादित हार्मोन एस्ट्रोजन द्वारा उत्तेजना की प्रतिक्रियास्वरूप विकसित होते हैं। इनकी वृद्धि 20 साल की उम्र में दिख सकती है, लेकिन रजोनिवृत्ति के बाद ये सिकुड़ जाते हैं, जब शरीर एस्ट्रोजेन का बड़ी मात्रा में उत्पादन बंद कर देता है।”

अरण्डी- इसके बीजों के तेल के इस्तमाल से बालों का काला होना शुरू हो जाता है। सप्ताह में कम से कम दो बार अरण्डी का तेल बालों में अवश्य लगाना चाहिए। रात में तेल लगाकर सुबह इसे किसी शैम्पू से साफ किया जा सकता है।

अब हम एक नए बालों के झड़ने को रोकने के लिए कैसे गाइड, नवीनतम चिकित्सा अध्ययन और अनुसंधान में बाल स्वास्थ्य और बालों के झड़ने प्रबंधन के आधार पर की पेशकश कर सकते हैं। इस गाइड तुम सीखना कैसे अपने बालों को बहाल करने के लिए मदद कर सकते हैं:

नियमित रूप से इस रिफॉलियम री-ग्रोथ का इस्तेमाल करने के बारे में कोई चिंता नहीं है क्योंकि इसमें किसी भी एडिटिव्स और फेलर नहीं होते हैं। इस प्रकार यह पूरी तरह से सुरक्षित और प्राकृतिक सूत्र है। इस प्राकृतिक बाल बहाली फार्मूले का उपयोग करते समय आपको संभावित दुष्प्रभावों का सामना करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि आपने कभी भी किसी भी बाल प्रत्यारोपण से गुजरने का सोचा है, तो आपको कम से कम एक बार इस रिफॉलियम कैप्सूल की कोशिश करनी चाहिए ताकि वह अपने खुद के अद्भुत परिणामों को महसूस कर सकें।

बालों को झड़ने से रोकने में मेथी काफी कारगर होता है। मेथी के बीज में ऐसे हामोन पाए जाते हैं जो बालों के विकास को बढ़ाने के साथ-साथ हेयर फालिकल्स को भी बनाता है। साथ ही इसमें प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड पाया जाता है जो बाल को बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। मेथी के बीज को रात भर पानी में फूलने के लिए छोड़ दें और फिर नहाने से पहले इसका पेस्ट सिर पर लगाएं।

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एक अस्वस्थ स्कैल्प के कारण बालों के रोम में सूजन की समस्या हो सकती है जिससे बालों के बढ़ने में मुश्किल पैदा होती है। सिर का संक्रमण बालों के झड़ने का कारण बनता हैं। सिर के संक्रमण के विभिन्न प्रकार होते हैं। टिनिया कैपिटिस सबसे आम सिर का संक्रमण है। यह एक प्रकार का कवक संक्रमण होता है। ये कवक बाल के मृत ऊतकों पर रह सकते हैं और आसानी से फैल सकते हैं। ये कवक सिर के कुछ हिस्सों या पूरे सिर को प्रभावित कर सकते हैं। संक्रमित क्षेत्रों में अक्सर बाल निकल जाते हैं और छोटे काले डॉट्स रह जाते हैं। यह बीमारी अक्सर बच्चों को प्रभावित करती है और युवावस्था तक समाप्त होती है। हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकती है। द इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ट्रिचोलोजी में प्रकाशित 2013 के एक अध्ययन में पाया गया कि 2,800 बच्चों में से 210 में बालों के झड़ने और खोपड़ी संबंधी विकारों की समस्या थी। इन 210 बच्चों में 40.0% टीनिया कैपिटिस की समस्या से ग्रस्त थे, वहीं 26.2% बच्चों में एलोपेशीया एरेटा की समस्या थी और 17.6% बच्चों में टेलोजेन एफ्लुवियम की समस्या थी। समय पर निदान और उपचार इस समस्या का इलाज करने में मदद कर सकता है। (और पढ़ें – सिर में खुजली के लिए घरेलू उपचार)

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महिलाओं में एलोपेसिया की वजहें पुरुषों की तुलना में अधिक हैं। पुरुषों की तरह ही महिलाओं में एंड्रोजन हामोन के कारण भी बाल झड़ने लगते हैं। इसमें सिर में मांग के आसपास के बालों का झड़ना शुरू होता है जो धीरे-धीरे सिर के पूरे भाग के गंजेपन में बदल जाता है।

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