“मेलाटोनिन बाल regrowth कुत्तों |बालों के झड़ने के क्लिनिक सिडनी की समीक्षा”

क्या आप सिर में हुए इन्फेक्शन की वजह से अपने बाल गंवा रहे हैं ! अगर बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से आपके बाल झड़ रहे हैं तो नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर इसे अपने सिर की त्वचा पर रगड़ें। इससे नीम के एंटी बैक्टीरियल गुण आपके सिर में भी आएँगे। इस पैक से सिर के एल्कलाइन नियंत्रित होंगे और बालों का झड़ना रुकेगा।

लोगो में बालो के झड़ने के विभिन्न कारक हो सकते है। प्रदुषण लोगो के बाल झड़ने का मुख्य कारको में से एक है। यहाँ तक की बाल धोने के क्रम में पानी का प्रयोग भी बाल झड़ने के कारको में से एक हो सकता है। ऐसे विभिन्न तरीके है जिनके माध्यम से बाल झाड़ना कम किया जा सकता है। बालो का झड़ना कम करने के लिए बाज़ार में विशेष रूप से बाल मास्क की किस्मो और शैम्पू के साथ कंडिशनर उपलब्ध रहते है। लेकिन इनमे से सभी उपयुक्त नही हो सकते। आज स्टेम सेल थेरेपी एक नयी तकनीक है। जो सिर से बालो का झड़ना कम कर सकती है और उनकी जगह नए बालो को विकसित कर सकती है।

चूंकि डेंगू मच्छरों द्वारा संक्रमित होता है इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न होने दें। सर्वप्रथम यह प्रयास करें कि अपने घर के आसपास पानी न जमा होने दें। यदि आसपास कोई गड्ढा हो, तो उसे मिट्टी से भर दें जिससे उनमें पानी न रूके और मच्छरों को पनपने का अवसर न मिले। यदि यह सम्भव न हो, तो उसमें उसमें मिट्टी का तेल अथवा पेट्रोल डाल दें।

एक और सिद्धांत है इंगित करता है कि DHT प्रभावों कूप के साथ ही कूप खुद को DHT करने के लिए काफी संवेदनशील हो जाते हैं. प्रमुख सवाल यह है कि, जब कूप संवेदनशील हो जाएगा? वास्तव में क्या चर इस का कारण बन रहे हैं? समय जिस पर बाल कूप DHT के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं एक पहेली बनी हुई है. यह बालों के झड़ने का सामना कर अपने सिस्टम में DHT की कम दर के लिए सामान्य के साथ रोगियों को देखने के लिए आश्चर्यजनक है, DHT का ऊंचा डिग्री के साथ अन्य रोगियों जबकि एक सिर के बाल से भरा है. यह दृढ़ता से इंगित करता है DHT की मात्रा बालों के झड़ने के लिए एक योगदान कारक पुरुष पैटर्न बालों के झड़ने के लिए आधार नहीं है, लेकिन बाल की संवेदनशीलता DHT के लिए खुद को रोम है.

तेलोजेम एफ्फ्लुवियम /Telogen Effluvium :Telogen Effluvium एक प्रकार की समस्या है जिसमे काफी जल्दी और ज्यादा प्रमाण में हेयर लोस  होता है। यह समस्या गर्भावस्था के बाद, किसी बड़े ओपरेसन के बाद, ज्यादा तनाव, अधिक वजन कम करने या अधिक श्रम करने जैसे कारणो के बाद हो सकती है। यह किसी दर्दनाशक या तनाव कम करनेवाली जैसी दवा का साइड इफ़ेक्ट भी हो सकता है।

बाल झड़ना कैसे रोके, अगर आप काफी मात्रा में बाल झड़ने से परेशान हैं तो प्याज का रस आपकी सहायता कर सकता है। प्याज में मौजूद सल्फर बालों की जड़ों में रक्त संचार को बढ़ाता है। प्याज के रस में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो हर तरह के कीटाणुओं का नाश करते हैं। अपने सिर में प्याज का रस लगाएं और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। बाद में शैम्पू कर लें।

tips-health.com पर जो भी जानकारी दी गई है वो सिर्फ आपके ज्ञानवर्धन के लिए दिया गया है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर या चिकित्सक से अवश्य संपर्क कर ले। आपके डॉक्टर या चिकित्सक आपको हमसे कहीं बेहतर सलाह और जानकारी दे सकते है।

गीले बालो / Wet hair को कपडे से आराम से सुखाए। गीले बालो में कंगी न करे। गीले बाल नाजुक होते है और आसानी से टूट या गिर सकते है। कंगी करने के लिए मोटे दातो वाला कंगा इस्तेमाल करे। बाल सुखाने के बाद बालो कि अच्छे से मसाज करे। नारियल तेल से मसाज करने से बालो कि जड़ो तक Blood circulation बढ़ता है और बाल बढ़ते और मजबूत होते है। 

4. हेयर स्टाइल बनाने और बाल सुखाने के लिए हेयर ड्रायर का प्रयोग करना एक आसान तरीका है पर हर रोज इसके इस्तेमाल से बाल झड़ने की समस्या होती है। इसके इलावा बाल सीधे करने या फिर घुंघराले करने के लिए जो हेयर ट्रीटमेंट लिया जाता है उससे भी बाल गिरते है।

नारियल आपके बालों के लिए कई फायदे हैं। यह न केवल बाल को बढ़ावा देने में बल्कि बसा खनिज और प्रोटीन की अधिकता की वजह से बाल टूटना को कम करता है बाल गिरने को रोकने के लिए नारियल के तेल या दूध का उपयोग कर सकते हैं।

गंजापन दुर्भाग्य से सभी पुरुषों को होता ही है। यह पुरुष आनुवंशिक कोड में लिखा होता है और उम्र बढ़ने से जुड़ा हुआ है। किन्तु गंजापन तब एक समस्या बन जाता है, जब यह विकराल हो जाता है – उदाहरण के लिए एक व्यक्ति 20 या 30 वर्ष की उम्र में, जिसके बाल झड़ने पहले ही शुरू हो चुके हैं या 40 वर्ष की उम्र का एक ऐसा व्यक्ति जिसका गंजापन 60 वर्ष की आयु वाले व्यक्ति के समान है। गंभीर गंजापन भले ही किसी भी उम्र में हो, हमेशा एक कॉस्मेटिक समस्या को जन्म देता है, भले ही 20 की उम्र में हो या 60 में, चूँकि यह व्यक्ति की अपीयरेंस में कहीं न कहीं कमी उत्पन्न करता है।

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